पुलवामा

पुलवामा हमले में शहीद जवानों की परिवारों की मदद के लिए यहां कर सकते हैं दान

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद से देश में गम का माहौल है. इस कायराना हमले में शहीद हुए जवानों की परिवारों की मदद के लिए काफी लोग आ रहे हैं. अलग-अलग राज्य सरकारों ने भी शहीदों के परिवारों को मदद देने की घोषणा की है. हमले में जवान शहीदों के परिवार के लिए यह मुश्किल घड़ी है.

पुलवामा

अगर आप इस हमले में शहीद जवानों की परिवार की मदद करना चाहते हैं तो हम आपको उसका एक जरिया बता रहे हैं. हमले में अपने साथियों को खो चुके CRPF के जवान अब उनके परिवारों की मदद के लिए एक साथ आए हैं. वे शहीदों के परिवारों के लिए धनराशि जुटा रहे हैं. इसके लिए उन्होंने पुलवामा रिलीफ फंड के नाम से एक कैंपेन चलाया है. इसके तहत इकट्ठा हुई धनराशि को शहीदों के परिवारों को दिया जाएगा.

पुलवामा

अकाउंट नंबर- 918791305323
IFSC Code- PYTM0123456
इस कैंपेन से जुड़ी जानकारी आप इन मोबाइल नंबर पर कॉल कर भी ले सकते हैं- Mobile No- 8791305323, 8840120507, 8115780859, 9838410038

दुख की इस घड़ी में पूरा देश शहीदों के परिवार के साथ है. हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि वे इस दुख की घड़ी में शहीदों के परिवारों की मदद के लिए आगे आए.

हमारी अपील

पूरा देश में इस समय गम और गुस्से का माहौल है. इस कायराना हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. कुछ लोग इस माहौल का गलत फायदा उठाकर नफरत फैलाने की कोशिश में लगे हैं. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जो इस हमले से जुड़े हुए नहीं है, लेकिन उन्हें यहां का बताया जा रहा है. ऐसे नाजुक मौके पर हम आपसे फेक न्यूज, फेक वीडियो और फेक फोटो से सावधान रहने की अपील करते हैं.

अगर आपके पास ऐसा कोई वीडियो, न्यूज या फोटो आती है, जिस पर आपको शक है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं. हम उसका सच आपके सामने रखने की कोशिश करेंगे.

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राजदीप सरदेसाई ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की

क्या है उस वीडियो की पूरी सच्चाई जिसमें राजदीप सरदेसाई ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है?

व्हाट्सऐप पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें प्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है.

एनडीटीवी के पत्रकार उमाशंकर सिंह ने इसकी जानकारी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है, ‘इस वीडियो को व्हाट्सऐप पर मोदी समर्थक बहुत उत्साह से बांट रहे हैं. जिस राजदीप सरदेसाई को सिकुलर से लेकर देशद्रोही तक क्या-क्या नहीं कहा गया, अब उन्हीं की टिप्पणियों को नरेंद्र मोदी के लिए सर्टिफिकेट के तौर पेश किया जा रहा है. राजदीप चाहें को इस पर अपनी टिप्पणी दे सकते हैं.’

https://twitter.com/umashankarsingh/status/1094803092850294785

वीडियो में राजदीप को प्रधानमंत्री मोदी के जोश की तारीफ करते हुए सुना जा सकता है. वह मोदी की ऊर्जा और लीडरशिप की तारीफ कर रहे हैं. वीडियो में अन्य लोग भी हैं जो मोदी की तारीफ कर रहे हैं.

अब राजदीप ने मामले पर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने पूरे वीडियो का लिंक शेयर करते हुए लिखा ट्वीट किया है, ‘यह है पूरा वीडियो. इससे भी हमारे दोस्तों को दिखाइए. प्रधानमंत्री की प्रशंसा भी है और आलोचना भी! ना भक्त ना विरोधी बस एक मामूली पत्रकार!’

दरअसल, वायरल हो रहा वीडियो ‘इंडिया टुडे’ ग्रुप द्वारा बनाए गए मोदी सरकार के कामकाज पर बनाए गए एक वीडियो का हिस्सा है. इस वीडियो का नाम ‘THE GOOD THE BAD THE UGLY – Three Years Under Modi’ है. इसे 20 मई 2017 को यूट्यूब पर पब्लिश किया गया था.

वीडियो में विभिन्न लोग मोदी सरकार के तीन साल के कामकाज पर अपनी राय रख रहे हैं, जिनमें से एक राजदीप भी हैं. वीडियो के पहले हिस्से में मोदी के कार्यकाल की अच्छी बातें, दूसरे में खराब बातें और तीसरे में बेहद बुरी बातें बताई गई हैं. वायरल वीडियो केवल पहले हिस्से से लिया गया है, जिसमें राजदीप ने मोदी की तारीफ की है.

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पूरी वीडियो में राजदीप ने मोदी की अच्छी बातों के जमीन पर ना उतरने को लेकर उनकी आलोचना भी की है. इसके अलावा नोटबंदी और विदेश नीति को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा है. राजदीप ने मोदी की सबसे ज्यादा आलोचना उनके राज में बढ़ रही राजनीतिक असहनशीलता के लिए की है. नीचे ये वीडियो देखिए.

हमारी जांच में सामने आया है कि राजदीप सरदेसाई ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है, जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है. लेकिन यह वीडियो अधूरा है और जिस हिस्से में उन्होंने मोदी के काम की आलोचना की है, उसे नहीं दिखाया गया है.

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क्या प्रियंका गांधी ने भारत को मूर्खों का देश बताने वाला ट्वीट किया है?

प्रियंका गांधी ने सोमवार को लखनऊ में रोड शो किया. इस दौरान उनके राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेता मौजूद थे. रोड शो से पहले प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर भी अपना अकाउंट बना लिया.प्रियंका गांधी ने सोमवार को लखनऊ में रोड शो किया. इस दौरान उनके राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेता मौजूद थे. रोड शो से पहले प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर भी अपना अकाउंट बना लिया. इससे पहले ट्विटर पर उनका आधिकारिक अकाउंट नहीं था, लेकिन कई फर्जी अकाउंट चल रहे थे. फेसुबक पर प्रियंका और उनके ट्विटर अकाउंट से जुड़ी एक पोस्ट शेयर हो रही है. इसका स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

प्रियंका गांधी

क्या प्रियंका गांधी ने यह ट्वीट किया है?

फेसबुक पर यह पोस्ट 9 फरवरी को डाला गया है और प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर अपना अकाउंट 11 फरवरी को बनाया है. जैसा हमने आपको पहले बताया कि इससे पहले प्रियंका ट्विटर पर नहीं थीं. जाहिर तौर पर जब वे ट्विटर पर नहीं थी तो उनके हैंडल से ट्वीट होने का सवाल ही नहीं उठता. इस तरह यह आराम से साबित हो जाता है कि यह ट्वीट प्रियंका गांधी के आधिकारिक हैंडल से नहीं किया गया है.

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इसके बाद हमने उनके इस बयान की पड़ताल करने के लिए इंटरनेट पर खबरें सर्च की. हमें हमारी पड़ताल में ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें प्रियंका के ऐसे किसी बयान देने का जिक्र हो. कुल मिलाकर हमारी पड़ताल में यह ट्वीट फर्जी साबित हुआ है. इसके बाद हमने ट्विटर पर अकाउंट सर्च किया तो पता चला कि इसे डिलीट कर दिया गया है. हमारी पड़ताल में प्रियंका गांधी के नाम पर शेयर किया जा रहा यह ट्वीट और फेसबुक पोस्ट फर्जी साबित होता है. हम आपसे इस पर भरोसा नहीं करने की अपील करते हैं.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

अगर आपके पास ऐसी कोई फेक न्यूज आती है जिसकी आप सच्चाई जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में बताएं. हम उस खबर की सच्चाई आपके सामने रखने की कोशिश करेंगे.

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पीयूष गोयल

पीयूष गोयल जिस ट्रेन को बिजली की स्पीड से दौड़ता बता रहे हैं वो असल में आपके साथ धोखा है

मोदी सरकार में कई मंत्री और सांसद कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे दावे करते हैं, जो सच से बहुत दूर होते हैं. सोमवार को दिनभर रेल मंत्री पीयूष गोयल के एक ट्वीट ने खूब सुर्खियां बटोरी. उन्होंने भारतीय रेलवे में नई शामिल की गई ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ का एक वीडियो ट्वीट किया. इस वीडियो में उन्होंने ट्रेन की स्पीड के बारे में लिखा कि यह कोई पंछी है, कोई जहाज है.. देखिये भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन, जो बिजली की गति से दौड़ती जा रही है. उनके इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

पीयूष गोयल

क्या यह वीडियो सही है?

पीयूष गोयल ने जैसे ही यह वीडियो ट्वीट किया, यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कुछ लोग इस वीडियो को लेकर पीयूष गोयल को ट्रोल करने लगे. दरअसल, पीयूष गोयल ने जो वीडियो ट्वीट किया है वो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का है, लेकिन इसे एडिट कर इसकी स्पीड बढ़ा दी गई है. यानी इसे दोगुनी स्पीड से चला दिया गया, जिससे इसमें चल रही ट्रेन की स्पीड दोगुना हो गई.

कैसे हुई पड़ताल

यूट्यूब पर यह वीडियो रेलमेल नाम के हैंडल से 20 दिसंबर को पोस्ट किया गया था. असली वीडियो देखने पर समझ आता है कि पीयूष गोयल ने जो वीडियो ट्वीट किया है वो एडिटेड है. इसका असली वीडियो आप नीचे देख सकते हैं.

फेक न्यूज की पोल खोलने वाले साइट ऑल्टन्यूज ने इन दोनों वीडियो साइड-बाय-साइड तुलना की है, जिससे यह साफ समझ में आ जाएगा कि यूट्यूब पर मौजूद वीडियो को एडिट कर इसकी स्पीड बढ़ाई गई है.

वीडियो की सच्चाई

पड़ताल करने पर पता चला है कि पीयूष गोयल जिस ट्रेन की हवाई जहाज, पंछी और बिजली की गति से दौड़ते हुए बता रहे हैं, असल में वीडियो एडिटर का कमाल है. किसी ने असली वीडियो को एडिट कर इसकी स्पीड बढ़ा दी है. असल में यह वीडियो एडिटेड है.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

अगर आपके पास ऐसी कोई फेक न्यूज आती है जिसकी आप सच्चाई जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में बताएं. हम उस खबर की सच्चाई आपके सामने रखने की कोशिश करेंगे.

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कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की

क्या कपिल सिब्बल ने लंदन कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है। तस्वीर में एक वेबसाइट की खबर का स्क्रीनशॉट है। खबर का शीर्षक है- ‘माल्य को अभी इंडिया मत भेजो, चुनाव पर असर पड़ेगा- कपिल सिब्बल की लंदन कोर्ट में अर्जी।’

इस दावे को कई दक्षिणपंथी फेसबुक पेजों और गुप्स पर शेयर किया जा रहा है। ऐसे ही एक पेज ‘NAMO’ पर भी इस तस्वीर को शेयर किया गया है। यह पेज फेसबुक पर 48 लोगों तक पहुंच रखता है और इसी का असर है कि कई लोग सिब्बल को भला-बुरा कह रहे हैं।

कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की

Source- Facebook

क्या है इस दावे की सच्चाई

जब हमने इस तस्वीर और पोस्ट में किए जा रहे दावे की पड़ताल की तो हमें किसी भी विश्वसनीय वेबसाइट या अन्य स्त्रोत पर इससे जुड़ी हुई कोई खबर नहीं मिली। दरअसल, तस्वीर में दिख रहा स्क्रीनशॉट ‘फेकिंग न्यूज’ नामक वेबसाइट की एक खबर का है। यह वेबसाइट अपने कटाक्ष और मजाकिया लेखों के लिए जानी जाती है और उसमें लिखी बातें सच नहीं होती।

कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की

Source- Faking News

वायरल हो रही यह खबर भी कुछ ऐसी ही है। खबर के नीचे आप देख भी सकते हैं कि लेखक का नाम ‘बगुला भगत’ लिखा हुआ है, जो कि वेबसाइट के हंसी-मजाक के एजेंडे को दिखाता है। ‘आजतक’ ने जब इस मामले में सिब्बल से बात की तो उन्होंने ऐसी कोई भी याचिका दायर करने से मना किया।

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साफ है कि इस तस्वीर के जरिए किया जा रहा दावा कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है, झूठा और फर्जी है। ऐसी कोई खबर नहीं है।

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क्या वीरेंद्र सहवाग रोहतक से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ेंगे?

हाल ही में मीडिया में एक खबर आई थी कि वीरेंद्र सहवाग हरियाणा के रोहतक से भाजपा के चुनाव उम्मीदवार हो सकते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया ने भाजपा के सूत्रों के हवाले से यह खबर छापी थी. खबर में बताया गया था कि भाजपा सहवाग को रोहतक से अपना उम्मीदवार बना सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया के इस खबर के हवाले से कई न्यूज पोर्टल ने इस खबर को छापा.

वीरेंद्र सहवाग

इस खबर के बाद कयास लगाए जाने लगे कि टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज रह चुके सहवाग अब राजनीति की पिच पर चौके-छक्के उड़ाएंगे. हालांकि, यह खबर महज अफवाह ही साबित हुई और कुछ ही देर बाद सहवाग ने खुद इस खबर का खंडन कर दिया.

सोशल मीडिया पर उड़ी मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की अफवाह

वीरेंद्र सहवाग ने खबर को बताया अफवाह

वीरेंद्र सहवाग ने मीडिया में उनके भाजपा में जाने की खबरों के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए इन्हें महज अफवाह बताया. सहवाग ने ट्विटर पर लिखा, ‘कुछ चीजें कभी नहीं बदलती, जैसे यह अफवाह. 2014 में भी ऐसी अफवाहें थीं और 2019 में भी यही. तब भी इच्छुक नहीं था अब भी नहीं हूं. #BaatKhatam’ उनके इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र  सहवाग के खंडन के बाद यह बात साफ हो गई है कि सहवाग भाजपा में नहीं जा रहे हैं. उनके भाजपा ज्वॉइन करने वाली खबरों को उन्होंने अफवाह बताया है. यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलिब्रिटी के चुनाव लड़ने की खबरें आ रही हैं. कुछ दिन पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित और करीना कपूर के भी चुनाव लड़ने की अफवाहें उड़ी थीं. दोनों अभिनेत्रियों ने ही चुनाव लड़ने की बातों से इनकार किया था.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में हेलिकॉप्टर से नहीं ली एंट्री, शेयर हो रहा पुराना वीडियो

हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक रैली की थी. इस रैली के लिए योगी सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल गए थे. दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने योगी के हेलिकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद योगी आदित्यनाथ को सड़क से पश्चिम बंगाल जाना पड़ा था.

योगी

अब फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में योगी आदित्यनाथ को हेलिकॉप्टर से उतरकर गाड़ी में जाते हुए दिखाया जा रहा है. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, ‘बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर एंट्री’ इस वीडियो को बुधवार को पोस्ट किया गया था और यह खबर लिखे जाने तक इसे 2900 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. आप यह वीडियो देखिये, फिर इसकी पड़ताल करते हैं.

बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर एंट्री

ममता के बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर एंट्री

Posted by Amit Shah Fans on Wednesday, February 6, 2019

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि योगी हेलिकॉप्टर से उतर एंबेसडर कार में बैठते हैं और रैली के लिए निकल जाते हैं. इस वीडियो को बंगाल का बताया जा रहा है, लेकिन क्या यह वीडियो बंगाल में योगी की एंट्री का है? आइये इसकी पड़ताल करते हैं.

इस वीडियो की पड़ताल

वीडियो में देखने पर पता चलता है यह वीडियो पश्चिम बंगाल का न होकर त्रिपुरा का है. दरअसल, योगी जिस एंबेसडर कार में बैठकर जाते हैं उसके नंबर ‘TR’ से शुरू होते हैं, जिसका मतलब है कि यह गाड़ी त्रिपुरा की है. इसके अलावा योगी के काफिले में चलने वाली पुलिस जिप्सी पर त्रिपुरा पुलिस लिखा हुआ है. इन सब बातों से पता चलता है कि यह वीडियो त्रिपुरा का है.

फेक न्यूज के मामले में दुनियाभर में पहले नंबर पर भारत, आम चुनाव से पहले खतरे की घंटी

इसके अलावा यूट्यूब पर ‘योगी आदित्यनाथ हेलिकॉप्टर त्रिपुरा’ सर्च करने पर असली वीडियो सामने आता है. इस वीडियो का टाइटल ‘योगी आदित्यनाथ इन कंचनपुर’ लिखा है. यह वीडियो 12 फरवरी 2018 को अपलोड किया गया था. इसे आप नीचे देख सकते हैं.

जाहिर तौर पर जब यह वीडियो एक साल पहले अपलोड हो चुका है तो यह पश्चिम बंगाल में योगी की एंट्री का वीडियो नहीं हो सकता.

क्या है वीडियो की सच्चाई

हमारी पड़ताल में पता चला है कि योगी आदित्यनाथ का यह वीडियो लगभग एक साल पुराना है और यह पश्चिम बंगाल का न होकर त्रिपुरा का है. हमारी पड़ताल में यह साबित हुआ है कि यह वीडियो असली है, लेकिन इसके साथ दी जा रही जानकारी गलत है.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फर्जी खबरें समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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फेक न्यूज

फेक न्यूज के मामले में दुनियाभर में पहले नंबर पर भारत, आम चुनाव से पहले खतरे की घंटी

फेक न्यूज की समस्या से पूरी दुनिया जूझ रही है. कई देश फेक न्यूज को लेकर कानून भी बना रहे हैं, इसके बावजूद यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया में भारत में सबसे ज्यादा फेक न्यूज की समस्या है. माइक्रोसॉफ्ट के एक सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई है. माइक्रोसॉफ्ट द्वारा दुनिया के 22 देशों में किए गए सर्वे में पता चला है कि 64 प्रतिशत भारतीयों को फर्जी खबरों का सामना करना पड़ा है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 57 प्रतिशत है.

फेक न्यूज

फेक न्यूज ने ली हैं कई जानें

भारत में कई लोगों को फर्जी खबरों की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी हैं. देश के कई हिस्सों में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद भीड़ ने आम लोगों को निशाना बनाया, जिसमें कई जानें गईं. इसके बाद बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों पर कड़ाई की. इसके बाद वॉट्सऐप ने कार्रवाई करते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर मैसेज फॉर्वर्डिंग की संख्या सीमित करके पांच कर दी थी.

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फेक न्यूज फैलाने में फेक उम्रदराज लोग सबसे आगे

फर्जी खबरों को लेकर हुए एक सर्वे में पता चला था 36 से 65 साल तक की उम्र के लोग फेक न्यूज फैलाने में सबसे आगे होते हैं. बीबीसी ने फर्जी खबरों को लेकर एक बड़ी रिसर्च की थी. इस रिसर्च में सामने आया कि लोग ‘राष्ट्र निर्माण’ की भावना से राष्ट्रवादी संदेशों वाली फ़ेक न्यूज़ को शेयर कर रहे हैं.

लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है फेक न्यूज

लोकतंत्र में सही सूचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. लोग उन तक पहुंचने वाली सूचनाओं के आधार पर ही अपने विचार बनाकर सरकार को चुनते हैं, लेकिन अगर सच्चाई को छिपाकर लोगों तक फेक न्यूज पहुंचाई जाएगी तो लोग इसके भ्रमजाल में फंसकर ऐसा फैसला लेंगे जो पूरी तरह झूठ पर आधारित होगा. भारत में अभी कुछ महीनों में चुनाव होने हैं. ऐसे में फेक न्यूज का फैलाव चिंता का विषय है. यह लोकतंत्र और उसके नागरिकों को बुरी तरह प्रभावित करती हैं.

फर्जी खबरों से खुद को बचाइये

हम लगातार आपको फर्जी खबरों से आगाह करते आए हैं. यह बात समझने वाली हैं कि जैसे-जैसे इंटरनेट का प्रसार बढ़ेगा, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएंगी. फेक न्यूज हमारे समाज और देश के लिए खतरा है. इसलिए इससे बचकर रहना बहुत जरूरी है.

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सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फर्जी खबरें समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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मुनव्वर राणा

सोशल मीडिया पर उड़ी मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की अफवाह

सोशल मीडिया पर दिन भर मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की खबरें चलती रहीं. कई लोगों ने उनकी मौत की अफवाह को सच मानते हुए सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसके बाद लोगों के मन में तरह-तरह की शंकाएं घर करने लगी.

इन सबके बीच खुद मुनव्वर राणा ने ट्वीट कर अपने हाल की जानकारी दी. मुनव्वर राणा ने ट्वीट किया, ‘आप सभी चाहने वालों की मोहब्बत और दुआओं की बदौलत हमारी सेहत में काफी सुधार है. अभी अफसोस करने की जरूरत नहीं है.. मैं जिंदा हूं. माजीद दुआओं की दरख्वास्त’ उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

मुनव्वर राणा

अस्पताल में भर्ती कराए गए थे मुनव्वर राणा

मुनव्वर राणा को सांस लेने में हो रही परेशानी के कारण लखनऊ पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जहां उनकी सेहत में सुधार हो रहा है. उन्हें रातभर डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया था. बता दें पिछले कुछ समय से मुनव्वर राणा की सेहत को लेकर कई खबरें आती रही हैं. कैंसर से पीड़ित मुनव्वर का इलाज मुंबई से चल रहा है.

चप्पल से सेल्फी ले रहे बच्चों की फोटो की सच्चाई क्या है?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर मुनव्वर राणा के निधन की अफवाहें उड़ रही हैं. हम आपसे इन अफवाहों पर यकीन नहीं करने की अपील करते हैं.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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