चंदा उगाने के लिए सेना के नाम का

भाजपा पर आरोप- चंदा उगाहने के लिए सेना के नाम का इस्तेमाल कर रही है पार्टी

हाल ही में सर्जिकल स्ट्राइक के समय नॉर्दन कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के इतने महिमामंडन की जरूरत नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह काम चुपचाप किया जाता तो बेहतर था. साथ ही उन्होंने कहा कि जब आप सैन्य अभियानों से राजनीतिक लाभ लेना शुरू कर देते हैं तो यह सही नहीं होता है। साथ ही उन्होंने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से लगातार वीडियो और फोटो जारी कर इसका राजनीतिक इस्तेमाल किया गया, जो सही नहीं है।

उनके अलावा भी बहुत लोग ये बात मानने वाले हैं कि सेना और राजनीति को एक-दूसरे से दूर रखना चाहिए। राजनीति के लिए सेना का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार पर राजनीतिक फायदे के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का इस्तेमाल करने का आरोप लगते रहते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिक इस्तेमाल किया.

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चंदा उगाने के लिए सेना के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप

अब केंद्र में सत्ता में बैठी भाजपा पर ऐसा ही एक और आरोप लग रहा है. नेशनल हेराल्ड ने आरोप लगाया है कि पार्टी चंदा जुटाने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रही है. दरअसल, भाजपा चंदे के लिए चलाए जा रहे अभियान में सैनिकों के साथ खड़े पीएम मोदी की फोटो इस्तेमाल कर रही है. सैनिकों के साथ खड़े पीएम मोदी की इस फोटो के साथ लिखा है, ‘वे (मोदी) उनके (सैनिकों के) लिए काम करते हैं. भारत को सुरक्षित बनाने के लिए उनके (पीएम मोदी) के साथ खड़े हों.’ साथ ही इस ट्वीट में लिखा है कि सुरक्षित भारत के लिए और महफूज सीमाओं की लिए पीएम मोदी का साथ दीजिए.

इस ट्वीट में दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर https://www.narendramodi.in का डोनेशन पेज खुलता है. यानी अगर कोई सैनिकों के लिए चंदा देने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेगा तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइट पर जाएगा. अगर कोई इस साइट पर चंदा देता है तो यह भाजपा 2019 के चुनावी प्रचार अभियान पर खर्च करेगी. ऐसे में सैनिकों की फोटो और उनके नाम पर पार्टी के लिए चंदा लेना कितना सही है? इस पर सवाल उठ रहे हैं. एक तरह कहा जाता है कि राजनीति और सेना को अलग रखना चाहिए, लेकिन यहां तो राजनीति ही सेना के नाम पर अपनी दुकान चमकाने की कोशिश में है.

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