इंडिया टुडे के राजदीप सरदेसाई को कांग्रेस प्रवक्ता बताकर खुद फंसे बीजेपी के अमित मालवीय

सीबीआई में मचा हंगामा देश की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. देश की नंबर एक जांच एंजेंसी के दो अधिकारियों के बीच केंद्र सरकार भी फंसती नजर आ रही है क्योंकि विवाद में शामिल एक अधिकारी राकेश अस्थाना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का नजदीकी माना जाता है. रातों-रात सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और नंबर दो राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के लिए विपक्ष सरकार पर हमलावर है.

बीजेपी और सरकार भी जबाव देने में पीछे नहीं है, इसी कड़ी में पार्टी के सोशल मीडिया हेड अमित मालवीय ने एक ट्वीट किया था. इस ट्वीट में मालवीय ने वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट हैं. राजदीप और रणदीप ने सीबीआई मामले में जो ट्वीट किए हैं, उनकी भाषा लगभग समान है. इसी भाषा की समानता को आधार बनाते हुए मालवीय ने राजदीप पर निशाना साधा है और लिखा है, ‘कांग्रेस प्रवक्ता को पहचानिए.’ दरअसल मालवीय कहना चाहते हैं कि राजदीप कांग्रेस प्रवक्ता की भाषा बोल रहे हैं और उनमें और कांग्रेस प्रवक्ता में कोई अंतर नहीं है. आप मालवीय का ये ट्वीट देखिए.

https://twitter.com/amitmalviya/status/1055662571259420672

लेकिन मालवीय के इस ट्वीट और उसमें लगी तस्वीरों में एक झोल है. ट्वीटर रणदीप ने नहीं बल्कि राजदीप ने पहले किया है और उसके बाद रणदीप ने उसे कॉपी किया है. राजदीप के ट्वीट का समय 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 54 मिनट पर किया है, जबकि रणदीण ने ठीक एक घंटे बाद 10 बजकर 54 मिनट पर ट्वीट किया है. यानि अगर ट्वीट कॉपी किया गया है तो ऐसा कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप ने किया है, राजदीप ने नहीं.

https://twitter.com/zoo_bear/status/1055735947432787968

अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में डाले स्क्रीनशॉट में इन दोनों के ट्वीट का टाइम क्रॉप कर काट दिया है, जिससे की ये पकड़ में ना आ सके कि ट्वीट पहले किसने किया है. इससे जाहिर होता है कि उन्होंने जानबूझ कर राजदीप के खिलाफ ये ट्वीट किया है और उनको पता था कि राजदीप ने ट्वीट पहले किया था. उन्होंने सब जानकर भी राजदीप के खिलाफ झूठ फैलाया है.

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब अमित मालवीय ने एडिट करके फोटो या तस्वीर के जरिए किसी पत्रकार के खिलाफ झूठ फैलाने की कोशिश की हो. उन्होंने पहले भी रवीश कुमार का एक एडिटेड वीडियो ट्वीट करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की थी. आईटी और सोशल मीडिया से एक ही गलती बार-बार होना ये साबित करता है कि या तो वो अपने काम में बेहद ही खराब हैं या ये सब वो एक एजेंडा के तहत करते हैं, दोनों ही स्थितियों में यह उनकी पार्टी और उनकी क्षमता पर सवाल खड़े करता है.

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