क्या प्रियंका गांधी ने भारत को मूर्खों का देश बताने वाला ट्वीट किया है?

प्रियंका गांधी ने सोमवार को लखनऊ में रोड शो किया. इस दौरान उनके राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेता मौजूद थे. रोड शो से पहले प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर भी अपना अकाउंट बना लिया.प्रियंका गांधी ने सोमवार को लखनऊ में रोड शो किया. इस दौरान उनके राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेता मौजूद थे. रोड शो से पहले प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर भी अपना अकाउंट बना लिया. इससे पहले ट्विटर पर उनका आधिकारिक अकाउंट नहीं था, लेकिन कई फर्जी अकाउंट चल रहे थे. फेसुबक पर प्रियंका और उनके ट्विटर अकाउंट से जुड़ी एक पोस्ट शेयर हो रही है. इसका स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

प्रियंका गांधी

क्या प्रियंका गांधी ने यह ट्वीट किया है?

फेसबुक पर यह पोस्ट 9 फरवरी को डाला गया है और प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर अपना अकाउंट 11 फरवरी को बनाया है. जैसा हमने आपको पहले बताया कि इससे पहले प्रियंका ट्विटर पर नहीं थीं. जाहिर तौर पर जब वे ट्विटर पर नहीं थी तो उनके हैंडल से ट्वीट होने का सवाल ही नहीं उठता. इस तरह यह आराम से साबित हो जाता है कि यह ट्वीट प्रियंका गांधी के आधिकारिक हैंडल से नहीं किया गया है.

क्या कपिल सिब्बल ने लंदन कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है?

इसके बाद हमने उनके इस बयान की पड़ताल करने के लिए इंटरनेट पर खबरें सर्च की. हमें हमारी पड़ताल में ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें प्रियंका के ऐसे किसी बयान देने का जिक्र हो. कुल मिलाकर हमारी पड़ताल में यह ट्वीट फर्जी साबित हुआ है. इसके बाद हमने ट्विटर पर अकाउंट सर्च किया तो पता चला कि इसे डिलीट कर दिया गया है. हमारी पड़ताल में प्रियंका गांधी के नाम पर शेयर किया जा रहा यह ट्वीट और फेसबुक पोस्ट फर्जी साबित होता है. हम आपसे इस पर भरोसा नहीं करने की अपील करते हैं.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

अगर आपके पास ऐसी कोई फेक न्यूज आती है जिसकी आप सच्चाई जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में बताएं. हम उस खबर की सच्चाई आपके सामने रखने की कोशिश करेंगे.

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कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की

क्या कपिल सिब्बल ने लंदन कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है। तस्वीर में एक वेबसाइट की खबर का स्क्रीनशॉट है। खबर का शीर्षक है- ‘माल्य को अभी इंडिया मत भेजो, चुनाव पर असर पड़ेगा- कपिल सिब्बल की लंदन कोर्ट में अर्जी।’

इस दावे को कई दक्षिणपंथी फेसबुक पेजों और गुप्स पर शेयर किया जा रहा है। ऐसे ही एक पेज ‘NAMO’ पर भी इस तस्वीर को शेयर किया गया है। यह पेज फेसबुक पर 48 लोगों तक पहुंच रखता है और इसी का असर है कि कई लोग सिब्बल को भला-बुरा कह रहे हैं।

कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की

Source- Facebook

क्या है इस दावे की सच्चाई

जब हमने इस तस्वीर और पोस्ट में किए जा रहे दावे की पड़ताल की तो हमें किसी भी विश्वसनीय वेबसाइट या अन्य स्त्रोत पर इससे जुड़ी हुई कोई खबर नहीं मिली। दरअसल, तस्वीर में दिख रहा स्क्रीनशॉट ‘फेकिंग न्यूज’ नामक वेबसाइट की एक खबर का है। यह वेबसाइट अपने कटाक्ष और मजाकिया लेखों के लिए जानी जाती है और उसमें लिखी बातें सच नहीं होती।

कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की

Source- Faking News

वायरल हो रही यह खबर भी कुछ ऐसी ही है। खबर के नीचे आप देख भी सकते हैं कि लेखक का नाम ‘बगुला भगत’ लिखा हुआ है, जो कि वेबसाइट के हंसी-मजाक के एजेंडे को दिखाता है। ‘आजतक’ ने जब इस मामले में सिब्बल से बात की तो उन्होंने ऐसी कोई भी याचिका दायर करने से मना किया।

पढ़ें- क्या वीरेंद्र सहवाग रोहतक से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ेंगे?

साफ है कि इस तस्वीर के जरिए किया जा रहा दावा कपिल सिब्बल ने लंदन की कोर्ट में माल्या को वापस भारत ना भेजने की अर्जी दायर की है, झूठा और फर्जी है। ऐसी कोई खबर नहीं है।

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क्या वीरेंद्र सहवाग रोहतक से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ेंगे?

हाल ही में मीडिया में एक खबर आई थी कि वीरेंद्र सहवाग हरियाणा के रोहतक से भाजपा के चुनाव उम्मीदवार हो सकते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया ने भाजपा के सूत्रों के हवाले से यह खबर छापी थी. खबर में बताया गया था कि भाजपा सहवाग को रोहतक से अपना उम्मीदवार बना सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया के इस खबर के हवाले से कई न्यूज पोर्टल ने इस खबर को छापा.

वीरेंद्र सहवाग

इस खबर के बाद कयास लगाए जाने लगे कि टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज रह चुके सहवाग अब राजनीति की पिच पर चौके-छक्के उड़ाएंगे. हालांकि, यह खबर महज अफवाह ही साबित हुई और कुछ ही देर बाद सहवाग ने खुद इस खबर का खंडन कर दिया.

सोशल मीडिया पर उड़ी मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की अफवाह

वीरेंद्र सहवाग ने खबर को बताया अफवाह

वीरेंद्र सहवाग ने मीडिया में उनके भाजपा में जाने की खबरों के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए इन्हें महज अफवाह बताया. सहवाग ने ट्विटर पर लिखा, ‘कुछ चीजें कभी नहीं बदलती, जैसे यह अफवाह. 2014 में भी ऐसी अफवाहें थीं और 2019 में भी यही. तब भी इच्छुक नहीं था अब भी नहीं हूं. #BaatKhatam’ उनके इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र  सहवाग के खंडन के बाद यह बात साफ हो गई है कि सहवाग भाजपा में नहीं जा रहे हैं. उनके भाजपा ज्वॉइन करने वाली खबरों को उन्होंने अफवाह बताया है. यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलिब्रिटी के चुनाव लड़ने की खबरें आ रही हैं. कुछ दिन पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित और करीना कपूर के भी चुनाव लड़ने की अफवाहें उड़ी थीं. दोनों अभिनेत्रियों ने ही चुनाव लड़ने की बातों से इनकार किया था.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में हेलिकॉप्टर से नहीं ली एंट्री, शेयर हो रहा पुराना वीडियो

हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक रैली की थी. इस रैली के लिए योगी सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल गए थे. दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने योगी के हेलिकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद योगी आदित्यनाथ को सड़क से पश्चिम बंगाल जाना पड़ा था.

योगी

अब फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में योगी आदित्यनाथ को हेलिकॉप्टर से उतरकर गाड़ी में जाते हुए दिखाया जा रहा है. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, ‘बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर एंट्री’ इस वीडियो को बुधवार को पोस्ट किया गया था और यह खबर लिखे जाने तक इसे 2900 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. आप यह वीडियो देखिये, फिर इसकी पड़ताल करते हैं.

बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर एंट्री

ममता के बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हेलीकॉप्टर एंट्री

Posted by Amit Shah Fans on Wednesday, February 6, 2019

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि योगी हेलिकॉप्टर से उतर एंबेसडर कार में बैठते हैं और रैली के लिए निकल जाते हैं. इस वीडियो को बंगाल का बताया जा रहा है, लेकिन क्या यह वीडियो बंगाल में योगी की एंट्री का है? आइये इसकी पड़ताल करते हैं.

इस वीडियो की पड़ताल

वीडियो में देखने पर पता चलता है यह वीडियो पश्चिम बंगाल का न होकर त्रिपुरा का है. दरअसल, योगी जिस एंबेसडर कार में बैठकर जाते हैं उसके नंबर ‘TR’ से शुरू होते हैं, जिसका मतलब है कि यह गाड़ी त्रिपुरा की है. इसके अलावा योगी के काफिले में चलने वाली पुलिस जिप्सी पर त्रिपुरा पुलिस लिखा हुआ है. इन सब बातों से पता चलता है कि यह वीडियो त्रिपुरा का है.

फेक न्यूज के मामले में दुनियाभर में पहले नंबर पर भारत, आम चुनाव से पहले खतरे की घंटी

इसके अलावा यूट्यूब पर ‘योगी आदित्यनाथ हेलिकॉप्टर त्रिपुरा’ सर्च करने पर असली वीडियो सामने आता है. इस वीडियो का टाइटल ‘योगी आदित्यनाथ इन कंचनपुर’ लिखा है. यह वीडियो 12 फरवरी 2018 को अपलोड किया गया था. इसे आप नीचे देख सकते हैं.

जाहिर तौर पर जब यह वीडियो एक साल पहले अपलोड हो चुका है तो यह पश्चिम बंगाल में योगी की एंट्री का वीडियो नहीं हो सकता.

क्या है वीडियो की सच्चाई

हमारी पड़ताल में पता चला है कि योगी आदित्यनाथ का यह वीडियो लगभग एक साल पुराना है और यह पश्चिम बंगाल का न होकर त्रिपुरा का है. हमारी पड़ताल में यह साबित हुआ है कि यह वीडियो असली है, लेकिन इसके साथ दी जा रही जानकारी गलत है.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फर्जी खबरें समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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मुनव्वर राणा

सोशल मीडिया पर उड़ी मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की अफवाह

सोशल मीडिया पर दिन भर मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की खबरें चलती रहीं. कई लोगों ने उनकी मौत की अफवाह को सच मानते हुए सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसके बाद लोगों के मन में तरह-तरह की शंकाएं घर करने लगी.

इन सबके बीच खुद मुनव्वर राणा ने ट्वीट कर अपने हाल की जानकारी दी. मुनव्वर राणा ने ट्वीट किया, ‘आप सभी चाहने वालों की मोहब्बत और दुआओं की बदौलत हमारी सेहत में काफी सुधार है. अभी अफसोस करने की जरूरत नहीं है.. मैं जिंदा हूं. माजीद दुआओं की दरख्वास्त’ उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं.

मुनव्वर राणा

अस्पताल में भर्ती कराए गए थे मुनव्वर राणा

मुनव्वर राणा को सांस लेने में हो रही परेशानी के कारण लखनऊ पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जहां उनकी सेहत में सुधार हो रहा है. उन्हें रातभर डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया था. बता दें पिछले कुछ समय से मुनव्वर राणा की सेहत को लेकर कई खबरें आती रही हैं. कैंसर से पीड़ित मुनव्वर का इलाज मुंबई से चल रहा है.

चप्पल से सेल्फी ले रहे बच्चों की फोटो की सच्चाई क्या है?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर मुनव्वर राणा के निधन की अफवाहें उड़ रही हैं. हम आपसे इन अफवाहों पर यकीन नहीं करने की अपील करते हैं.

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सोनिया गांधी

FACT CHECK: इस बात में कितनी सच्चाई है कि सोनिया गांधी चौथी सबसे अमीर महिला हैं?

सोशल मीडिया पर काफी दिनों से सोनिया गांधी को लेकर एक खबर शेयर की जा रही है. हमारी फैक्ट चेक टीम को भी यह खबर मिली. इसमें एक न्यूज पेपर की क्लिपिंग के सहारे दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे अमीर महिला है. आप यह पोस्ट नीचे देख सकते हैं.

सोनिया गांधी

Posted by I Support Modi Ji and BJP on Thursday, September 27, 2018

क्या सच में सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे अमीर महिला है?

इस पोस्ट में जिस न्यूज को आधार बनाकर दावा किया है, हमने इंटरनेट पर उस खबर को सर्च किया. हमारी सर्च में हमें जागरण की वह न्यूज मिली, जिसके आधार पर यह दावा किया जा रहा है. इस खबर के आधार पर हमें पता चला कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रही खबर फर्जी है.

क्या राजीव गांधी इंदिरा गांधी के शव के पास खड़े होकर कलमा पढ़ रहे थे?

14 मार्च 2012 को पब्लिश हुई इस खबर में लिखा है कि सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे अमीर राजनेता है. इस स्टोरी में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे अमीर महिला है. इस स्टोरी का यहां क्लिक कर देखा जा सकता है और इसका स्क्रीनशॉट नीचे दिया गया है.

सोनिया गांधी

इस खबर में बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट का हवाला देकर बताया गया है कि सोनिया गांधी के पास दो से 19 अरब डॉलर [करीब 99 अरब से लेकर 948 अरब रुपये] की संपत्ति है. हमने जब माईनेता.इंफो पर चेक किया तो पता चला कि सोनिया गांधी ने चुनाव आयोग को जो जानकारी सौंपी है, उसके मुताबिक, 2014 में उनके पास 9.28 करोड़ की संपत्ति है. यह बिजनेस इनसाइडर के आंकड़े से काफी कम है.

क्या है सच

हमारी पड़ताल में यह बात साबित हुई है कि सोनिया गांधी को दुनिया की चौथी सबसे अमीर महिला बताने वाला दावा एकदम झूठ है. बिजनेस इनसाइडर की 2012 में आई रिपोर्ट के मुताबिक, सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे अमीर राजनेता थी, लेकिन इस रिपोर्ट में भी कई खामियां थी. चुनाव आयोग के पास जमा जानकारी के मुताबिक 2014 में सोनिया गांधी के पास 9.28 करोड़ की संपत्ति थी. हमने अपनी पड़ताल में शेयर हो रही खबर को झूठा पाया है. हम आपसे इस पर भरोसा ना करने की अपील करते हैं.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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राजीव गांधी

क्या राजीव गांधी इंदिरा गांधी के शव के पास खड़े होकर कलमा पढ़ रहे थे?

सोशल मीडिया पर किसी फोटो के गलत संदर्भ के साथ वायरल कर फेक न्यूज फैलाने का पुराना तरीका है. इसके तहत किसी फोटो के बारे में गलत जानकारी देकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है और लोग आंखें मूंदकर गलत जानकारी के साथ उस फोटो पर यकीन कर लेते हैं. अब सोशल मीडिया पर एक पुरानी फोटो के साथ ऐसा ही किया जा रहा है. फेसबुक पेज ‘हम लोग’ ने एक पोस्ट की है. इस पोस्ट में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी नजर आ रहे हैं. इसमें कहा गया है कि इन्दिरा जी की शव के सामने राहुल और राजीव गांधी कलमा पढ रहे हैं. आप यह पोस्ट नीचे देख सकते हैं-

इन्दिरा जी की शव के सामने राहुल और राजीव गांधी कलमा पढ रहे हैं ?फिर भी हमारे देश के लोगों को लगता है कि ये लोग ब्राह्मण हैं…

Posted by हमलोग on Friday, February 1, 2019

खबर लिखे जाने तक इस पोस्ट को एक हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका था. इस फोटो के एक कमेंट में लिखा था कि यह फोटो गफ्फार खान के निधन के दौरान की है, जो पाकिस्तान के पेशावर में ली गई है. इसके बाद हमने इस फोटो की सच्चाई जानने की लिए इसकी पड़ताल की.

क्या राहुल गांधी ने राफेल से जुड़ा सवाल पूछने पर पत्रकार को धक्का देकर गिराया था?

क्या राजीव गांधी की यह फोटो इंदिरा गांधी के शव के पास की है?

हमने इस फोटो की पड़ताल के लिए गूगल पर इस फोटो को सर्च किया. हमारी सर्च में हमें कुछ लिंक मिले, जिसके आधार पर हमें इस फोटो की सच्चाई का पता चला. इंटरनेट पर हमें पाकिस्तान के सांसद मोहसिन डावर का एक ट्वीट दिखा. 26 जनवरी, 2016 को किए गए इस ट्वीट में लिखा है कि राजीव गांधी, सोनिया गांधी और नरसिम्हा राव बच्चा खान की अंतिम यात्रा के दौरान. यह ट्वीट आप नीचे देख सकते हैं-

इसके बाद हमें skyscrapercity.com का एक लिंक मिला. इस साइट पर भी राजीव और सोनिया की इस फोटो को बच्चा खान के निधन के बात की बताई गई है.

राजीव गांधी

जाहिर तौर पर राजीव गांधी पेशावर में बच्चा खान को श्रद्धांजलि देने के लिए गए थे, यह फोटो तब की है. इस बात की तस्दीक न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर भी करती है. इस खबर में लिखा है कि राजीव गांधी स्वीडन जाते समय फ्रंटियर गांधी के नाम से जाने जाने वाले बच्चा खान को श्रद्धांजलि देने के लिए पेशावर में रुके थे.

क्या है राजीव गांधी की इस फोटो का सच

हमारी पड़ताल में पता चला कि राजीव गांधी और सोनिया गांधी की यह फोटो इंदिरा गांधी के शव के पास की नहीं है. इसे सोशल मीडिया पर गलत कैप्शन के साथ वायरल किया जा रहा है. हम आपसे इस फेक जानकारी पर भरोसा नहीं करने और शेयर नहीं करने की अपील करते हैं.

सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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चंद्रशेखर आजाद

FACT CHECK: क्या भीम आर्मी के चंंद्रशेखर आजाद ने ‘भारत को जलाने’ की बात कही थी?

हम आपको कई बार हमारी खबरों के माध्यम से बता चुके हैं कि फेक न्यूज के फेर में मेनस्ट्रीम मीडिया भी फंस जाता है. कई बार खुद मेनस्ट्रीम मीडिया भी फेक न्यूज फैलाने में आगे रहता है. इसका ताजा उदाहरण भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद से जुड़ा है. जी न्यूज और न्यूज 18 ने चंद्रशेखर से जुड़ी एक खबर छापी थी. इस खबर में न्यूज 18 और जी ने आजाद केे बयान को हेडलाइन बनाते हुए खबर छापी थी. दोनों की हेडलाइन कुछ इस तरह थी, ‘रावण की सरकार को धमकी- हम भारत को बंद करना जानते हैं तो भारत को जलाना भी जानते हैं.’

चंद्रशेखर आजाद

चंद्रशेखर आजाद

क्या सच में चंद्रशेखर आजाद ने ऐसा बयान दिया था?

इन खबर के पब्लिश होते ही लोगों की इस पर नजर पड़ी और उन्होंने इन चैनलों को उनकी इस गलती की ओर ध्यान दिलाना शुरू कर दिया.

असल में चंद्रशेखर आजाद ने अपने भाषण में कहीं भी ‘भारत को जलाने’ की बात नहीं कही थे, जैसा ये दोनों चैनल दावा कर रहे थे. उन्होंने अपने भाषण में कहा था, ‘जितनी भीड़ यहां खड़ी है, उसे सिर्फ एक बार मेरे इशारे का इंतजार है. अगर हम भारत बंद करना जानते हैं, तो हम भारत को जलाना भी जानते हैं. हमारे सब्र का इम्तिहान नहीं लिया जाए, एक सीमा होती है उत्पीड़न की भी’ उनका यह बयान आप नीचे दिए गए वीडियो में 1.35 सेकंड पर सुन सकते हैं.

खुद चंद्रशेखर ने भी इस बारे में ट्वीट किया है. उनके ये ट्वीट आप नीचे देख सकते हैं.

हालांकि, बाद में जी न्यूज और न्यूज 18 ने इस खबर को बदल दिया था. अब दोनों खबरों की जगह चंद्रशेखर आजाद से ही जुड़ी दूसरी खबरें खुल रही हैं, लेकिन फेक न्यूज फैलाने से होने वाला नुकसान हो चुका है. मेनस्ट्रीम मीडिया को फैक्ट चेकिंग पर खास ध्यान देना चाहिए। खास तौर पर जब इतने बड़े बयान की बात हो रही हो तब.

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पत्रकार

क्या राहुल गांधी ने राफेल से जुड़ा सवाल पूछने पर पत्रकार को धक्का देकर गिराया था?

फेक न्यूज की दुनिया में आज हमें राहुल गांधी से जुड़ी एक न्यूज मिली. हाल ही में राहुल गांधी ओडिशा दौरे पर गए थे. जब वे भुनवेश्वर एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनकी फोटो लेने की कोशिश में एक पत्रकार नीचे गिर गया था. ट्विटर पर कई सोशल मीडिया हैंडल यह दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने उस पत्रकार को धक्का दिया था. इनमें कहा जा रहा है कि राफेल पर जब पत्रकार ने राहुल से सवाल किया तो राहुल ने उस पत्रकार को धक्का दे दिया. नीचे देखिये ऐसे ही कुछ ट्वीट-

https://twitter.com/_bakht_3/status/1089165245795336193

क्या सच में राहुल गांधी ने पत्रकार को धक्का दिया था-

यह घटना मीडिया के अलावा सोशल मीडिया पर भी काफी ट्रेंड हुई थी. इसलिए हमें इस घटना के बारे में पता था. जब हमारे सामने ये ट्वीट आए तो हमें पता चल गया कि यह झूठ फैलाया जा रहा है. असल में राहुल ने पत्रकार को धक्का नहीं दिया था. पत्रकार जब राहुल गांधी की फोटो लेने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पैर फिसला और वो नीचे गिर गया. पत्रकार के नीचे गिरते ही राहुल गांधी दौड़कर उसे उठाने आए थे. इसका वीडियो आप समाचार एजेंसी के इस ट्वीट में देख सकते हैं-

ट्वीट का सच

हमारी पड़ताल में पता चला कि जैसा इन ट्वीट में दावा किया जा रहा है असल में वैसा कुछ नहीं है. राहुल ने पत्रकार को धक्का नहीं दिया था बल्कि वे तो उस पत्रकार को उठाने के लिए आगे आए थे. हमारी पड़ताल में इन ट्वीट में किया जा रहा दावा झूठ साबित होता है. हम आपसे इस पर भरोसा ना करने की अपील करते हैं.

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सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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