सानिया मिर्जा

टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की वायरल फोटो का सच क्या है?

भारत की जानी-मानी टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा से जुड़ी एक फोटो शेयर की जा रही है. इस फोटो में सानिया की दो फोटो दी गई, जिसमें से एक में सानिया जीन्स पहने और दूसरे में हिजाब पहने नजर आ रही हैं. शेयर हो रही पोस्ट में जीन्स वाली फोटो को भारत और बुर्के वाली फोटो को पाकिस्तान की बताया जा रहा है. सानिया के कपड़ों का सहारा लेकर पोस्ट में सवाल पूछा जा रहा है कि क्या भारत अब भी असहिष्णु है? वहीं कुछ पोस्ट मे सानिया की हिजाब वाली फोटो को शेयर करते हुए लिखा है, ‘#भारत मे आधे कपड़ों में घूमने वाली
सानिया मिर्जा की #पाकिस्तान में दशा😂😂😂अब नही चाहिए आजादी??’ ये पोस्ट आप नीचे देख सकते हैं.

उनकी यही फोटो 2014 में भी वायरल की गई थी. इसकी झलक आप नीचे दिए ट्वीट में देख सकते हैं-

सानिया मिर्जा की वायरल फोटो की पड़ताल

इस फोटो को ट्वीटर के साथ-साथ व्हाट्सऐप पर भी शेयर किया जा रहा है. इसलिए हमने इस फोटो की पड़ताल की. पड़ताल करने के लिए हमने सबसे आसान तरीका गूगल रिवर्स सर्च अपनाया. गूगल पर सर्च करने पर हमें पता चला कि सानिया की यह फोटो सऊदी अरब की है. हमें पड़ताल में पता चला कि सानिया की जो फोटो पाकिस्तान की बताई जा रही है वह पाकिस्तान की ना होकर सऊदी अरब की है.

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दूसरी बात यह है कि सानिया की यह फोटो साल 2006 में ली गई थी. तब सानिया की शादी नहीं हुई थी. इस फोटो में सानिया अपनी मां के साथ नजर आ रही हैं. इससे जुड़ी खबर आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं. इसका स्क्रीनशॉट हम नीचे दे रहे हैं.

सानिया मिर्जा की वायरल फोटो

सानिया मिर्जा की वायरल फोटो का सच

सानिया की जिस फोटो को पाकिस्तान की बताकर शेयर की जा रही है वो फोटो सऊदी अरब में ली गई है. दूसरी बात यह कि यह फोटो 13 साल पुरानी है जब सानिया की शादी भी नहीं हुई थी. हम आपसे गलत संदर्भों में वायरल की जा रही फोटो पर भरोसा ना करने की अपील करते हैं.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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पप्पू

FACT CHECK: क्या गल्फ न्यूज ने राहुल गांधी को अपनी खबर में पप्पू बताया है?

कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे से लौटे हैं. उनके इस दौरे को लेकर सोशल मीडिया में खूब फेक न्यूज शेयर की गई थी. उनके दौरे से पहले एक फेक न्यूज हो रही थी, जिसमें कहा गया था दुबई के मशहूर बुर्ज खलीफा पर राहुल गांधी की फोटो लगाई गई है. अब उनके दौरे के बाद एक और न्यूज वायरल हो रही है. इसमें दावा किया गया है कि यूएई के अखबार ‘गल्फ न्यूज’ ने राहुल गांधी को पप्पू बताया है. यह दावा कई ऐसे ट्वीटर हैंडल से किया गया जो लगातार फेक न्यूज फैलाते रहते हैं. देखिये कुछ ऐसे ट्वीट-

क्योंकि कई फेक न्यूज फैलाने वाले ट्वीटर हैंडल से इस बारे में ट्वीट किया गया है कि इसलिए हमने इस दावे की सच्चाई जानने की कोशिश की. हमने इस खबर की पड़ताल की कि क्या गल्फ न्यूज ने राहुल गांधी को पप्पू बताया है, जैसा इन ट्वीट में दावा किया जा रहा है.

क्या गल्फ न्यूज ने राहुल गांधी को पप्पू बताया है?

हमारी पड़ताल में हमें बीबीसी की एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने दौरे की समाप्ति के समय गल्फ न्यूज को इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू के साथ अखबार ने राहुल का कार्टून भी छापा था. इस कार्टून पर लिखा था ‘हाउ पप्पू लेबल चेंज्ड राहुल’ यानी पप्पू लेबल ने राहुल गांधी को कैसे बदला. असल में अखबार ने यह हैडिंग राहुल के बयान में से ही निकाल कर दी है.

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अखबार ने इंटरव्यू में राहुल से पूछा था कि पप्पू लेबल के बारे में सवाल पूछा था. दरअसल, राहुल को भाजपा के कई नेता समेत पप्पू सरनेम से संबोधित करते हैं. इसलिए राहुल से यह पूछा गया था. इसके जवाब में राहुल ने कहा, ‘सबसे अच्छा गिफ्ट जो मुझे मिला वो है 2014. जितना मैंने 2014 से सीखा है, उतना अपने जीवन में किसी चीज से नहीं सीखा. मेरा विरोध करने वाले लोग परिस्थितियों को मेरे लिए जितना मुश्किल बनाएंगे, मेरे लिए उतना ही फायदेमंद है. जब वो मुझे पप्पू कहते हैं तो मैं उससे परेशान नहीं होता. मैं अपने विरोधियों के हमलों का सम्मान करता हूं और उससे ख़ुद में सुधार करता हूं.’

जाहिर तौर पर अखबार ने राहुल गांधी को पप्पू नाम से संबोधित नहीं किया है. उन्होंने राहुल से इस बारे में सवाल पूछा था, जिसके जवाब में राहुल ने यह बात कही है. सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ के साथ इस न्यूज के वायरल होने के बाद गल्फ न्यूज ने सफाई पेश की है. अपने बयान में अखबार ने कहा कि उन्होंने अपने इंटरव्यू की हैडिंग से राहुल गांधी का अपमान करने की कोशिश नहीं की है. अख़बार की हैडिंग को राहुल गांधी की बेइज्ज़ती से जोड़ना ग़लत है.

क्या है इसका सच?

यह बात सच है कि गल्फ न्यूज ने राहुल गांधी वाली खबर में पप्पू वाली हैडिंग इस्तेमाल किया है, लेकिन उन्होंने राहुल गांधी को पप्पू नहीं बताया था. सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में खबर वायरल हो रही है.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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अब्दुल कलाम

क्या पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मोदी से कहा था, एक दिन विरोधी आपके काम से डरेंगे?

फेसबुक पर एक पोस्ट और तस्वीर वायरल हो रही है जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मोदी से कहा था कि एक दिन विरोधी उनसे डरेंगे. इस पोस्ट को ‘ग्रेट नरेंद्र मोदी’ नामक फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है. पोस्ट में मोदी और कलाम की साथ की एक तस्वीर को इस्तेमाल किया गया है.

अब्दुल कलाम

वायरल तस्वीर

तस्वीर के साथ में लिखा है- एक बार एपीजे अब्दुल कलाम ने मोदी जी से कहा था कि, एक दिन आपके काम से डरकर विपक्ष बहुत नीचे गिए जाएगा- एपीजे अब्दुल कलाम, पूर्व राष्ट्रपति. आप यह पोस्ट नीचे देख सकते हैं.

Posted by ग्रेट नरेन्द्र मोदी on Wednesday, January 16, 2019

‘ग्रेट नरेंद्र मोदी’ नामक इस पेज के फेसबुक पर 11 लाख से ऊपर फॉलोवर्स हैं. खबर लिखे जाने तक इस दावे को 937 बार शेयर किया जा चुका था. लाखों लोगों तक पहुंच रखने वाले पेज शेयर इस दावे की हमने पड़ताल की.

कलाम ने कई बार मोदी की तारीफ जरूर की है और वह मोदी की काफी तारीफ करते थे. लेकिन हमें उनका ऐसा कोई भी बयान नहीं मिला जिसमें उन्होंने ऐसा कहा हो जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है. पोस्ट के साथ शेयर तस्वीर 2015 गणतंत्र दिवस समारोह की है.

वेबसाइट ‘द क्विंट’ ने दावे की पुष्टि के लिए कलाम के सहायक और लेखक सृजन पाल सिंह से संपर्क किया. सृजन ने कहा कि यह सही है कि जब मोदी मुख्यमंत्री थे तब कलाम ने उनकी तारीफ की थी, लेकिन उन्होंने कभी यह बयान नहीं दिया. उन्होंने कहा, ‘पूर्व राष्ट्रपति कलाम कभी भी नकारात्मक बात नहीं करते थे. इसलिए यह पोस्ट झूठी है.’

हमारी पड़ताल में कलाम और मोदी से जुड़ी ये वायरल तस्वीर और दावा गलत पाया गया है. कलाम ने मोदी से कभी नहीं कहा था कि एक दिन विपक्ष उनके काम से डरकर बहुत नीचे गिर जाएगा.

अनिल कुंबले

FACT CHECK: क्या पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले भाजपा में शामिल हो गए हैं?

क्या पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है? ट्वीटर पर ऐसा दावा किया जा रहा है. ट्वीटर पर कई लोगों ने इस संंबंध में ट्वीट किया है. इस ट्वीट में अनिल कुंबले और प्रधानमंत्री मोदी एक साथ नजर आ रहे हैं. पहले ऐसे ट्वीट देखिये, फिर इस दावे की पड़ताल करते हैं-

क्या अनिल कुंबले ने भाजपा ज्वॉइन की है?

पिछले कई दिनों से यह जानकारी शेयर की जा रही है. कई लोग इस जानकारी को सच मानकर शेयर कर रहे हैं. इसलिए हमने इस दावे की पड़ताल की. इसके लिए हमने सबसे पहले इंटरनेट पर ऐसी खबरें सर्च की. हमें इंटरनेट पर ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिसमें यह जानकारी दी गई हो कि अनिल कुंबले ने भाजपा ज्वॉइन कर ली है.

इसके बाद हमने अनिल कुंबले और पीएम मोदी की इस फोटो को गूगल पर सर्च किया. इसके लिए हमने गूगल पर रिवर्स सर्च किया. रिवर्स सर्च करने पर हमे कुंबले और पीएम मोदी की यह फोटो मिली. इसे देखने पर पता चला कि पीएमओ इंडिया के ट्वीटर हैंडल और नरेंद्र मोदी के फेसबुक पेज पर यह फोटो अपलोड किया गया था.

Met well-known cricketer Anil Kumble today

Posted by Narendra Modi on Friday, August 1, 2014

यह फोटो 1 अगस्त 2014 को ली गई थी. यानी लगभग 4.5 साल बाद पीएम मोदी और कुंबले की पुरानी फोटो अब फिर से वायरल हो रही है. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिल कुंबले ने भी भाजपा ज्वॉइन करने की खबरों का खंडन किया है.

कुंबले का भाजपा ज्वॉइन करने के दावे का सच

हमारी पड़ताल में पता चला है कि अनिल कुंबले ने भाजपा ज्वॉइन नहीं की है. सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी फोटो को नया बताकर शेयर की जा रही है. हमारी पड़ताल में पता चला है ट्वीटर पर शेयर की जा रही यह न्यूज फेक है. हम आपसे अपील करते हैं कि इस पर भरोसा ना करें.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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क्या है इलाहाबाद के कुंभ मेले की जगमगाती तस्वीर का सच?

मशहूर कुंभ मेला शुरु हो चुका है और इससे जुड़ी तमाम जानकारियां और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हम कुंभ मेले की जगमगाती तस्वीर की पड़ताल करने जा रहे हैं, जो काफी वायरल हो रही है. फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नीचे दी गई तस्वीर वायरल हो रही है.

कुंभ मेले की जगमगाती तस्वीर

वायरल तस्वीर

तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह इलाहाबाद के कुंभ मेले की है. तस्वीरे के जरिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ की गई है. तस्वीर के साथ शेयर एक ऐसी ही पोस्ट में लिखा है- जी नहीं, ये सऊदी अरब का दृश्य नहीं है. बल्कि योगी सरकार द्वारा कुंभ मेले की तैयारी का एक दृश्य है. जय हो योगी सरकार.

https://twitter.com/IshwarKhodani/status/1063503825091391488

तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि विकास के मामले में योगी सरकार ने सभी को पीछे छोड़ दिया है. वैसे तस्वीर को देखने से ही साफ लग रहा है कि यह भारत की तस्वीर नहीं है. लेकिन हमने फिर भी वायरल तस्वीर की पड़ताल की तो पाया कि यह सऊदी अरब की ही है.

बीबीसी द्वारा की गई पड़ताल के अनुसार, यह तस्वीर मक्का-मदीना की है और हज के समय ली गई है. पिछले साल अगस्त महीने में सऊदी अरब के कुछ मीडिया संस्थानों ने तस्वीर को छापा भी था. तस्वीर में नजर आ रही जगह मीना वैली है और इसे ‘टेंट सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है.

तस्वीर में दिख रहा पुल वो मशहूर ‘किंग खालिद ब्रिज’ है. आप इससे संबंधित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक ट्वीट भी नीचे देख सकते हैं जिसे 21 अगस्त 2018 को किया गया था.

हमारी जांच में कुंभ मेले की जगमगाती तस्वीर से संबंधित दावा गलत पाया गया है. यह तस्वीर इलाहाबाद के कुंभ नहीं बल्कि सऊदी अरब के मक्का-मदीना की है.

(स्टोरी इनपुट- बीबीसी हिंदी)

पढ़ें- क्या नसीरुद्दीन शाह के ED का छापा पड़ा है? जानिये वायरल मैसेज की असलियत

पढ़ें- क्या दुबई में 14 साल की बच्ची के सवालों का जबाव नहीं दे पाए राहुल गांधी?

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क्या नसीरुद्दीन शाह के घर ED का छापा पड़ा है? जानिये वायरल मैसेज की असलियत

दिग्गज फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह कुछ दिन पहले अपने बयानों को लेकर चर्चा में थे. एक इंटरव्यू में कही गई उनकी बातों के कारण काफी विवाद छिड़ा था. अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ी एक खबर शेयर की जा रही है. ट्वीटर पर हमें कई ट्वीट मिले, जिनमें लिखा गया है कि नसीरुद्दीन शाह के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का छापा पड़ा है और 36 करोड़ की बेनामी नकदी जब्त हुई है. आप इससे जुड़े ट्वीट नीचे देख सकते हैं-

क्या नसीरुद्दीन शाह के घर ED का छापा पड़ा है?

ट्वीटर पर आए कई ट्वीट देखने के बाद हमें पता चला कि इन सब ट्वीट में एक लाइन कॉमन है. इन सब ट्वीट में लिखा है, ‘नसीरुद्दीन शाह के यहां ED का छापा 36 करोड़ की बेनामी नकदी जप्त’ लगभग हर ट्वीट में यह बात लिखी गई है, जो इस ओर इशारा करती है कि एक खास मकसद और एक योजना के तहत ये ट्वीट किए जा रहे हैं. दूसरी बात यह है कि इन ट्वीट में इस जानकारी का कोई सोर्स नहीं बताया गया है और ना ही किसी खबर का लिंक दिया गया है.

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इसलिए हमें यह दावा संदेहास्पद लगा. इसके बाद हमने गूगल पर सर्च किया क्या सच में ऐसा हुआ है. गूगल पर हमें नसीरुद्दीन के घर छापा पड़ने से जुड़ी कोई खबर नहीं मिली. जाहिर है जब ED ने छापा मारा ही नहीं है तो कहीं खबर नहीं छपेगी. नसीरुद्दीन पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है और मीडिया ने भी उनके बयान के मामले को खूब कवर किया था, ऐसे में अगर नसीरूद्दीन शाह के घर छापा पड़ता है तो मीडिया यह भी कवर करता.

इस मैसेज का सच

ट्वीटर पर किए जा रहे इन ट्वीट की पड़ताल करने पर पता चलता है कि ये सारे ट्वीट फर्जी है. इसमें कही गई बात निराधार और फेक न्यूज है. एक खास मकसद और योजना के तहत इस फेक न्यूज को फैलाया जा रहा है. हम आपसे अपील करते हैं कि इस फेक न्यूज पर भरोसा ना करें.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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लोकसभा चुनाव की तारीखों

सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे लोकसभा चुनाव की तारीखों वाले मैसेज की सच्चाई क्या है?

इस साल देश में लोकसभा चुनाव होने हैं. माना जा रहा है कि अप्रैल-मई में ये चुनाव हो सकते हैं. इसके लिए सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है. चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं भी इन चुनावों की तैयारियों में लग गई है. साथ ही फेक न्यूज फैक्ट्री भी इन चुनावों के लिए अपनी कमर कस चुकी है और चुनाव से जुड़ी फेक न्यूज फैलाना शुरू कर चुकी है. फेसबुक पर इन दिनों लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों के ऐलान वाला मैसेज शेयर हो रहा है. देखिये ऐसी कुछ पोस्ट-

Election 2019 For All India1)Bihar =April 10,17,24,30 and May 7,12.2)Odisha =April 10,173)West Bengal=April 17,24,30…

Posted by लोकसभा चुनाव 2019 on Friday, January 11, 2019

Election 2019 For All India1)Bihar =April 10,17,24,30 and May 7,12.2)Odisha =April 10,173)West Bengal=April 17,24,30…

Posted by Swapnil Dinde on Monday, January 14, 2019

Election 2019 For All India will start from 7th April to 17th May 2019 1)Bihar =April 10,17,24,30 and May…

Posted by Kalyan Kumar on Sunday, January 13, 2019

इन पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि अप्रैल और मई में देशभर में चुनाव हो जाएंगे. इतना ही नहीं, इन पोस्ट में तारीख भी लिखी हुई है. क्या चुनाव आयोग ने 2019 के लोकसभा चुनावों का ऐलान कर दिया है? शेयर हो रहे इन मैसेज में कितनी सच्चाई है, आइये इसकी पड़ताल करते हैं.

लोकसभा चुनाव की तारीखों की पड़ताल

फेसबुक पर शेयर हो रहा यह मैसेज फेक है. यह बात सब जानते हैं कि लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान देशभर के लिए बड़ी खबर है और पूरी मीडिया इस खबर को कवर करेगी. इसके अलावा चुनाव आयोग इन तारीखों का ऐलान प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से करता है जो टीवी पर लाइव दिखाई जाती है. यह बात सब जानते हैं कि चुनाव आयोग ने अभी तक लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है. जिस दिन चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा, यह सबसे बड़ी खबर होगी.

शेयर हो रहे मैसेज का सच

हमारी पड़ताल में पता चला कि लोकसभा चुनावों की तारीखों वाला मैसेज फेक है. द क्विंट के मुताबिक, इन मैसेज में दिया गया चुनावों का शेड्यूल 2014 के लोकसभा चुनावों का शेड्यूल है. अब लगभग 5 साल बाद इस पुराने शेड्यूल को सिर्फ साल बदलकर शेयर किया जा रहा है. हम आपसे अपील करते हैं कि शेयर हो रहे इस फेक मैसेज पर भरोसा ना करें और ना ही इसे शेयर करें.

नहीं, आलोक वर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी को भ्रष्ट प्रधानमंत्री नहीं बताया है

हमारी अपील

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14 साल की बच्ची

क्या दुबई में 14 साल की बच्ची के सवालों का जबाव नहीं दे पाए राहुल गांधी?

न्यूज वेब पोर्टल ‘My Nation’ ने 13 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दुबई दौरे को लेकर एक खबर की थी. इस खबर के अनुसार, दुबई में राहुल गांधी 14 साल की बच्ची के सवालों का जबाव नहीं दे पाए. उन्होंने बस हंसकर सवालों को नजरअंदाज कर दिया और उसी समय कांग्रेस का लाइव टेलीकास्ट रोक दिया गया.

खबर के अनुसार लड़की ने दो सवाल किए थे. इसमें पहला सवाल था, ‘कांग्रेस दशकों तक भारत पर राज करने के लिए गर्व करती है. जो विकास और अच्छे काम तब नहीं हो पाए, क्या वो अब हो पाएंगे?’ वेबसाइट के अनुसार लड़की के दूसरा सवाल पूछते हुए कहा कि यह मोदी के सत्ता में आने के बाद ही हुआ है कि भारत को विश्वभर में पहचान मिली है. वेबसाइट पर छपे लेख के अनुसार लड़की ने राहुल को सलाह दी कि उन्हें जाति पर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा करके वोट मांगने चाहिए.

‘माई नेशन’ वेबसाइट ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई भी वीडियो नहीं दिया है. वेबसाइट का यह दावा जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पहले भी कई फेक न्यूज शेयर कर चुके भारतीय रिजर्व बैंक के अतिरिक्त डायरेक्टर एस गुरुमूर्थी ने भी इस खबर को शेयर किया.

14 साल की बच्ची

Source- Alt News

इसके अलावा फेक न्यूज वेबसाइट पोस्टकार्ड न्यूज ने भी समान खबर को शेयर किया. पोस्टकार्ड की खबर में भी समान दावे किए गए हैं. आइए अब दावे की पड़ताल करते हैं.

फेक न्यूज के खिलाफ काम करने वाली वेबसाइट ‘Alt News’ ने जब इस दावे की जांच की तो पाया कि यह दावा सबसे पहले एक तमिल वेबसाइट पर किया गया था. इसके बाद इसे माई नेशन और पोस्टकार्ड जैसी फेक न्यूज फैलाने वाली वेबसाइट ने उठा लिया. tnnews24 नाम की तमिल वेबसाइट ने अपनी वेबसाइट से आर्टिकल को हटा लिया है.

14 साल की बच्ची

Source- Alt News

14 वर्षीय जिस लड़की का फोटो इस खबर के साथ इस्तेमाल हो रहा है, वह तीन साल पुराना है. फोटो को एक यू-ट्यूब वीडियो से लिया गया है. वीडियो के साथ दी गई जानकारी की माने तो यह वीडियो मुंबई के विख्रोली के सेंट जोजेफ्स हाई स्कूल की है.

राहुल के दुबई दौरे पर क्या हुआ?

माई नेशन के आर्टिकल में लिखा है, ‘राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित किया और इसके बाद वह लोगों से सवाल लेने को तैयार हुए. तभी 14 साल की बच्ची ने अपना हाथ उठाया…’ Alt News की पड़ताल के अनुसार, राहुल गांधी ने स्टेडियम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया और इसके अलावा अन्य दो कार्यक्रमों में भी उन्होंने हिस्सा लिया.

पहले कार्यक्रम में उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत की, जबकि दूसरे में उन्होंने एक लेंबर कैंप के मजदूरों से बात की. विद्यविद्यालय के कार्यक्रम में पहले उन्होंने छात्रों से सवाल लिए और बाद में उन्हें थोड़ा संबोधित किया.

लैबर कैंप में उन्होंने अपने भाषण के बाद लोगों के सामने आने वाली परेशानियों के बारे में उनसे जाना. तीनों ही कार्यक्रमों के वीडियो ट्विटर पर मौजूद हैं और 14 साल की लड़की को सवाल पूछते हुए इनमें से किसी में भी नहीं देखा जा सकता.

जाहिर सी बात है कि दावा फेक है. लेकिन यह सोशल मीडिया पर अभी भी वायरल हो रहा है. माई नेशन के एडिटर अभिजीत मजूमदार ने खुद इस खबर को ट्वीट किया है. उनके अनुसार माई नेशन पर मौजूद लेख को कांग्रेस की ओवरसीज सेक्रेटरी आरती कृष्णा से पुष्टि करने के बाद अपडेट कर दिया गया है. उनके अनुसार आरती ने 14 साल की बच्ची के सवाल पूछने वाली बात मानी है.

लेकिन आरती ने खुद ट्वीट करते हुए इस दावे को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और ऐसा कोई भी सवाल नहीं पूछा गया था.

पढ़ें- FACT CHECK: क्या राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है और उनकी ही रहेगी?

हमारी जांच में दुबई में ’14 साल की बच्ची के सवालों का जबाव नहीं दे पाए राहुल गांधी’, ये दावा गलत साबित हुआ है. अभी तक इस दावे के समर्थन में कोई भी तथ्य सामने नहीं आए हैं.

(स्टोरी इनपुट- Alt News)

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महात्मा गांधी

FACT CHECK: क्या राहुल गांधी ने कहा है कि महात्मा गांधी ने अहिंसा का पाठ इस्लाम से सीखा?

हाल ही में राहुल गांधी यूएई के दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने दुबई क्रिकेट स्टेडियम में वहां रह रहे भारतीय लोगों को संबोधित किया था. उनके इस भाषण की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इसे कई फेसबुक पेज और भाजपा समर्थकों ने शेयर किया है. लगभग 10 सेकंड की इस क्लिप के सहारे दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा का पाठ इस्लाम से पढ़ा. इसे ट्वीट करने वालों में पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक तारेक फतेह भी शामिल है. आप ऐसी कुछ पोस्ट देखिये, फिर इस दावे की पड़ताल करते हैं.

राहुल गांधी का विवादित बयान

राहुल गांधी का नया बयान, इस्लाम को बताया महान, महात्मा गांधी को इस्लाम से मिला अहिंसा का ज्ञान

Posted by Phir Ek Baar Modi Sarkar on Sunday, January 13, 2019

महात्मा गांधी से जुड़े इस दावे की पड़ताल

ऊपर दी गई पोस्ट में बताया गया है कि राहुल ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा का पाठ इस्लाम से सीखा. जब हमने इस पूरे बयान की पड़ताल की तो हमारी पड़ताल में दूसरा सच निकलकर सामने आया. हमारी पड़ताल में पता चला कि राहुल के भाषण की यह क्लिप गलत कैप्शन और एडिट करने के बाद शेयर की जा रही है.

FACT CHECK: क्या राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है और उनकी ही रहेगी?

असल में इस क्लिप में राहुल का आधा ही बयान दिखाया जा रहा है. राहुल ने अपना भाषण अंग्रेजी में दिया था. राहुल ने जो बात कही थी, उसका हिंदी में मतलब है, ‘महात्मा गांधी ने अहिंसा का पाठ पुराने भारती दर्शन, इस्लाम, क्रिश्चियनिटी, जुडेइज्म और दूसरे महान धर्मों से सीखा है, जहां यह साफ-साफ लिखा है कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं किया जा सकता.’

राहुल का यह बयान आप नीचे दिए गए उनके भाषण के पूरे वीडियो में 24.24 मिनट पर जाकर सुन सकते हैं, जहां राहुल गांधी यह बात बोल रहे हैं.

दावे का सच

हमारी पड़ताल में पता चला कि राहुल गांधी के भाषण की आधी बात को पूरा बताकर वायरल किया जा रहा है. राहुल ने अपने भाषण में सिर्फ इस्लाम का जिक्र नहीं किया था, बल्कि उन्होंने सभी धर्मों की बात की है. उनके भाषण का पूरा वीडियो देखने के बाद यह बात साफ तौर पर पता चल जाती है. हमारी पड़ताल में यह सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही क्लिप गलत साबित होती है. हम आपसे अपील करते हैं कि इस क्लिप पर भरोसा ना करें.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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आशीष

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सोशल मीडिया पर चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टियों के बीच फेक न्यूज फैलाने की होड़ शुरू हो जाती है. इस काम के लिए फेक वीडियो, फेक बयान या फेक फोटो का सहारा लिया जा रहा है. आज हमारे हाथ एक फेक न्यूज लगी है, जिसमें कहा गया है कि राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस मु्स्लिमों की पार्टी है और मुस्लिमों की ही रहेगी. पहले आप यह आशीष मर्खेद का यह ट्वीट देखिये, उसके बाद बाकी बातें करते हैं.

यह ट्वीट आशीष मर्खेद (Ashish Merkhed) ने किया है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि आशीष महाराष्ट्र भाजपा के आईटी प्रमुख है. आशीष भी फेक न्यूज फैलाने में अपने बॉस अमित मालवीय से पीछे नहीं है. बता दें कि आशीष ने जो ट्वीट किया है वो फेक है. आशीष ने अपने ट्वीट में एबीपी न्यूज के नाम का सहारा लिया है.

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एडिटेड फोटो के सहारे फेक न्यूज फैला रहे हैं आशीष मर्खेद

इस फोटो को ध्यान से देखने पर पता चल जाता है कि यह एडिट की गई फोटो है. इसमें कांग्रेस को कोंग्रेस लिखा गया है, जाहिर तौर पर एबीपी न्यूज जैसा हिंदी न्यूज चैनल कांग्रेस का नाम गलत नहीं लिखेगा. दूसरी बात यह है कि इस फोटो में जिस स्टाइल में यह फॉन्ट लिखा गया है, एबीपी न्यूज ऐसा फॉन्ट इस्तेमाल नहीं करता है. इसके बावजूद हमने इस बयान के लिए इंटरनेट पर सर्च किया.

हमने सर्च किया कि क्या राहुल गांधी ने ऐसा कोई बयान दिया है. हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें राहुल के इस बयान का जिक्र हो. जाहिर तौर पर राहुल गांधी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. महाराष्ट्र भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख आशीष कांग्रेस अध्य़क्ष राहुल गांधी के खिलाफ फेक न्यूज फैला रहे हैं. यही काम भाजपा के आईटी प्रमुख अमित मालवीय भी करते हैं. हम आपसे चुनावों के इस समय में ऐसी फेक न्यूज से बचने की अपील करते हैं.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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