आलोक वर्मा

नहीं, आलोक वर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी को भ्रष्ट प्रधानमंत्री नहीं बताया है

पिछले कुछ दिनों से देश में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को लेकर खूब उठापटक चल रही है. सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद आलोक वर्मा ने एजेंसी के निदेशक का पद संभाला, लेकिन सेलेक्ट कमेटी ने उन्हें उनके पद से हटाकर दूसरे महकमे में भेज दिया. आलोक वर्मा ने नई ड्यूटी ज्वॉइन करने से इनकार करते हुए नौकरी से इस्तीफा दे दिया. अब फेसबुक पर उनके नाम से जुड़ा एक बड़ा दावा शेयर हो रहा है. इसके मुताबिक, आलोक वर्मा ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी को आजाद भारत का सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री बताया है. इसका स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं-

आलोक वर्मा

क्या आलोक वर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी को भ्रष्ट बताया है?

I Support Ravish Kumar नाम के फेसबुक पेज की इस पोस्ट को यह खबर लिखे जाने तक 18 हजार बार शेयर किया जा चुका था और 11 हजार से ज्यादा रिएक्शन मिले हैं. इसलिए हमने इस दावे की पड़ताल की कि क्या आलोक वर्मा ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी को आजाद भारत का सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री बताया है.

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जाहिर है यह फेक न्यूज है. आलोक वर्मा ने अपने किसी पत्र में प्रधानमंत्री मोदी को भ्रष्ट नहीं बताया है. यह सच है कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव सी चंद्रमौली को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने अपने इस्तीफे का जिक्र किया था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि सेलेक्ट कमेटी ने उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया था. इससे जुड़ी खबर आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

वायरल दावे का सच

हमारी पड़ताल में पता चला है कि आलोक वर्मा ने ऐसी कोई बात अपने पत्र में नहीं लिखी, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है. जिस पेज से यह पोस्ट शेयर की गई है वो पहले भी फेक न्यूज फैलाता रहा है. खास बात यह है कि जब उर्जित पटेल ने आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफा दिया था तब ऐसा ही एक फेक बयान उनके नाम से वायरल हुआ था, जिसकी सच्चाई हमने आपको बताई थी. आप यह स्टोरी नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

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हमारी पड़ताल में आलोक वर्मा का बताकर जिस बयान को शेयर किया जा रहा है वह फर्जी साबित होता है. यह फेक न्यूज है. हम आपसे अपील करते हैं कि इस फेक न्यूज पर भरोसा ना करें.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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