मनमोहन सिंह और हामिद अंसारी

क्या मनमोहन सिंह और हामिद अंसारी ने ‘कल’ पाकिस्तानी एजेंसी ISI के अधिकारी की किताब लॉन्च की थी?

सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और दूसरे बड़े नेताओं की फोटो के साथ फेसबुक और ट्वीटर एक पोस्ट शेयर हो रही है. इसके बारे में कहा जा रहा है कि इन मनमोहन सिंह और हामिद अंसारी ने ‘कल’ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी की किताब के लॉन्चिंग समारोह में हिस्सा लिया. फेसबुक और ट्वीटर पर यह पोस्ट अलग-अलग दिन की गई है, लेकिन सब में इस फोटो को कल की बताया गया है. पोस्ट में दावा किया गया है कि असद दुर्रानी को सरकार ने भारत आने के लिए वीजा नहीं दिया था तो उनके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिग की गई. देखिये इससे जुड़ी कुछ पोस्ट

https://twitter.com/AgarwalGyan/status/1079586462599954432

This photo was taken yesterday in Delhi. Now what is special about it?*It has been taken at a 5-star hotel in Delhi,…

Posted by Bhadrik Hirjibhai Soni on Wednesday, December 26, 2018

इस पोस्ट की पड़ताल

द क्विंट ने इस मैसेज की पड़ताल की. क्विंट के मुताबिक, यह बात यह कल की नहीं है. असल में यह समारोह 23 मई, 2018 को हुआ था. यह भी सच है कि असद दुर्रानी की इस किताब के लॉन्चिंग समारोह में मनमोहन सिंह और हामिद अंसारी आदि नेताओं ने हिस्सा लिया था. लेकिन वायरल पोस्ट में यह बात छिपाई जा रही है कि इस किताब को लेखकों में असद दुर्रानी के अलावा भारतीय पत्रकार आदित्य सिन्हा और भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत भी शामिल हैं. इन तीनों ने मिलकर ‘द स्पाई क्रॉनिकलः रॉ, आईएसआई एंड द इलुजन ऑफ पीस’ किताब लिखी है. इसी किताब की लॉन्चिंग के दौरान की फोटो शेयर की जा रही है.

बॉलीवुड एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना के नाम से शेयर हो रहे इस ट्वीट की सच्चाई क्या है?

साथ ही वायरल पोस्ट में दूसरा दावा किया जा रहा है कि समारोह में असद दुर्रानी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल किया गया था, लेकिन यह दावा झूठ है. इस समारोह में उनका पहले से रिकॉर्डेड मैसेज चलाया गया था, उनको वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम में समारोह में शामिल नहीं किया गया था.

पोस्ट का सच

इसका सच यह है कि ये फोटो सही है लेकिन फोटो के साथ किए जा रहे दावे में पूरे तथ्यों को पेश नहीं किया जा रहा है. लोगों को भड़काने और गुमराह करने के लिए तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेेश किया जा रहा है जो एक न्यूज को फेक न्यूज बना देता है. इसलिए पूरे तथ्य जाने बिना और गलत सहारों के तथ्य किसी भी न्यूज पर भरोसा ना करेें.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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