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FACT CHECK: क्या प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसान को मनीऑर्डर वापस भेज ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहा है?

पिछले कुछ दिनों से नासिक के एक किसान संजय साठे काफी चर्चा में है. संजय ने इस बार प्याज की फसल उगाई थी. जब वे मंडी में इसे बेचने आए तो उनकी फसल के बेहद कम दाम मिले. उन्होंने 750 किलोग्राम प्याज मंडी में बेचा था. इसके बदले उन्हें महज 1064 रुपये मिले. अपनी फसल की कम कीमत मिलने से नाराज संजय ने ये पैसे प्रधानमंत्री मोदी को भेजे. इसके लिए उन्होंने मनीऑर्डर का सहारा लिया.

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मीडिया में यह खबर खूब फैली थी. लगभग हर बड़े न्यूज पोर्टल ने इस खबर को कवर किया था. इसके कुछ दिन बाद खबर आई कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसान संजय को यह मनीऑर्डर लौटा दिया है. खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसान को मनीऑर्डर भेजते हुए कहा कि अगर उन्हें पैसे भेजने हैं तो वे ऑनलाइन ट्रांसफर करें. जाहिर तौर पर यह बड़ी खबर थी. कई मीडिया हाउस ने इसे कवर भी किया. यह खबर सबसे पहले दैनिक भास्कर में छपी थी. इसके बाद दैनिक भास्कर को सोर्स बताते हुए दूसरे पोर्टल ने भी इस खबर को पब्लिश किया.

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अब इस मामले की नई सच्चाई सामने आ रही है. इंडिया टूडे ने अपनी फैक्ट चेक रिपोर्ट में पाया कि प्रधानमंत्री द्वारा किसान से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की बात झूठी है. हां, यह बात सच है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसान को मनीऑर्डर लौटा दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसान से ऑनलाइन जरिए से पैसे ट्रांसफर करने की बात नहीं कही है. इंडिया टूडे ने किसान संजय का इंटरव्यू भी लिया है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहीं भी ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की बात नहीं कही है. इंडिया टूडे की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किसान से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की बात झूठ साबित होती है.

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हमारी अपील

सोशल मीडिया के इस जमाने में फेक न्यूज बड़ी तेजी से फैलती है. सोशल मीडिया के साथ-साथ कई बार मेनस्ट्रीम मीडिया भी फेक न्यूज फैला देता है. जैसा इस मामले में हुआ. फेक न्यूज के कई बड़े नुकसान हैं. यह समाज में झूठ और नफरत तो फैलाती ही है साथ ही यह किसी भी जान भी ले सकती है. इसलिए फेक न्यूज से बचकर रहें. खुद भी फेक न्यूज से बचें और अपने चाहने वालों को भी फेक न्यूज से बचाएं.

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