Fact Check- मोदी राज में भुखमरी बढ़ने के दावे की पूरी पड़ताल…

हाल की एक रिपोर्ट के बाद किया जा रहा मोदी राज में भुखमरी बढ़ने का दावा

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (वैश्विक भूख सूचकांक) 2018 की रिपोर्ट 11 अक्टूबर को जारी हुई है. विश्व स्तर पर जारी होने वाली इस रिपोर्ट में 119 देशों में भारत का स्थान 103वां है. रिपोर्ट में भारत की स्थिति चीन तो छोड़िए बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों से भी बदतर है. लिस्ट में बांग्लादेश 86वें, नेपाल का स्थान 72वें, श्रीलंका 67वें, म्यांमार 68वें और चीन 25वें स्थान पर है. पाकिस्तान भारत से तीन स्थान नीचे 106वें स्थान पर है.

मोदी राज में भुखमरी

Global Hunger Index 2018

रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत की स्थिति की तुलना पिछले वर्षो से हो रही है. ‘दैनिक भास्कर’ पर प्रकाशित ऐसे ही एक विश्लेषण में कहा गया है कि 2014 से 2018 तक भारत 55 से 103वें स्थान पर पहुंच गया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां 2014 में भारत 55वें स्थान पर था, वहीं 2015 में 80वें, 2016 में 97वें और पिछले साल 100वें स्थान पर रहा था.

एनडीटीवी पर भी यही दावा करने वाली रिपोर्ट प्रकाशित की गई है. इस खबर का शीर्षक है, ‘भुखमरी दूर करने में मनमोहन सरकार से पीछे मोदी सरकार, 5 साल में रैंकिंग 55 से गिरकर 103 पहुंची’.

पढ़ें- क्या राफेल सौदे से खुश हो कर मोदी सरकार को 32 जगुआर लड़ाकू विमान फ्री में देगा फ्रांस?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी राज में भुखमरी बढ़ने का दावा करते हुए दैनिक भास्कर की खबर को ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है. राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा है-
चौकीदार ने भाषण खूब दिया,
पेट का आसन भूल गये।

योग-भोग सब खूब किया,
जनता का राशन भूल गये।

लेकिन हमारी पड़ताल में सामने आया है कि 2014 में ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत का स्थान 99वां था, 55वां नहीं जैसा कि इन रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है. विभिन्न प्रतिष्ठित वेबसाइट पर मोदी राज में भुखमरी बढ़ने और भारत का स्थान गलत दिखाने का कारण है ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट में हुए बदलाव.

दरअसल, 2016 से पहले ग्लोबल हंगर इंडेक्स अपनी रिपोर्ट में दो सूची देता था. एक सूची में उन देशों के नाम होते थे जिनका ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) स्कोर 5 से ज्यादा होता था. वहीं दूसरी सूची में उन देशों का नाम होता था जिनका GHI स्कोर 5 से कम होता था. जितना कम GHI स्कोर होता है, उस देश की स्थिति भुखमरी के मामले में उतनी अच्छी मानी जाती है. किसी देश का ग्लोबल हंगर इंडेक्स में सही स्थान जानने के लिए इन दोनों सूचियों को जोड़कर देखना होता था.

मोदी राज में भुखमरी

2014 का दो सूचियों वाला ग्लोबल हंगर इंडेक्स

2014 में प्रकाशित रिपोर्ट में प्रकाशित पहली सूची में भारत का स्थान 55वां दिखाया गया था. जबकि 5 से कम GHI स्कोर वाली दूसरी सूची में 44 देशों के नाम थे. सारी वेबसाइट्स ने पहली सूची के आधार पर ही 2014 में भारत का स्थान 55वां बताया है, जबकि दोनों सूचियों को जोड़ने पर भारत का स्थान 99वां होता है. ऐसे ही 2015 में भी भारत का असली स्थान 80वां नहीं बल्कि 93वां था.

मोदी राज में भुखमरी

एक सूची वाला 2018 ग्लोबल हंगर इंडेक्स

2016 के बाद से दोनों सूचियों को मिलाकर एक सूची बना दी गई. इसलिए तबसे भारत का स्थान काफी नीचे दिखाने लगा. भारत 2016 में 97वें और 2017 में 100वें स्थान पर रहा. इन आंकड़ों के अनुसार, 2014 से ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति 4 पायदान नीचे गई है, ना कि 48 जैसा विभिन्न खबरों में दावा किया जा रहा है.

पढ़ें- गुरुग्राम गोलीकांड : जज की पत्नी और बेटे पर फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर नफरत का खेल शुरू

हमारी जांच में पिछले चार साल में ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत का स्थान 55 से 103वां होने और मोदी राज में भुखमरी बढ़ने की बात झूठी साबित हुई है. यह भ्रम ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट के तरीके में बदलाव होने और मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सही से रिसर्च ना करने के कारण पैदा हुआ है.

(द क्विंट और ऑल्ट न्यूज से इनपुच के साथ प्रकाशित)

पढ़ें- ALERT : एमपी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस नेता कमलनाथ ने फेक फोटो शेयर की, जानिये पूरा मामला

पढ़ें- परिवार के लिए रिक्शा खींचने वाली लड़की के बाद ऐसे ही लड़के की तस्वीर वायरल, जानें सच्चाई

पढ़ें- #MeToo अभियान पर लिखे अपने आर्टिकल में वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने बोला झूठ

Posted in Uncategorized and tagged , , , , , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *