एडीटर्स गिल्ड ने एमजे अकबर से अवमानना का मामला वापस लेने को कहा

#MeToo : एडीटर्स गिल्ड ने एमजे अकबर से अवमानना का मामला वापस लेने को कहा

एडीटर्स गिल्ड ने एमजे अकबर से अवमानना का मामला वापस लेने को कहा – संपादकों की सर्वोच्च संस्था ‘एडीटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने पूर्व विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर से पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक अवमानना के मामले को वापस लेने के लिए कहा है. गिल्ड ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगानी वाली महिला पत्रकारों के प्रति समर्थन जाहिर किया है. गिल्ड ने अकबर के खिलाफ आरोप लगाने वाली उन महिला पत्रकारों को विधिक सहायता देने की बात भी कही है, जिनके मामलों को अगर अकबर वापस नहीं लेते अथवा अन्य महिलाओं के खिलाफ भी मामला दायर करते हैं.

एडीटर्स गिल्ड ने एमजे अकबर से अवमानना का मामला वापस लेने को कहा

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महिलाओं के प्रति गिल्ड का समर्थन अकबर के विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद आया है. गिल्ड ने कहा कि वह कई महिला पत्रकारों द्वारा दिखाए साहस को सलाम करता है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं प्रकाश में आ सकीं जिनमें उनका यौन उत्पीड़न हुआ था. इसमें कहा गया है कि एमजे अकबर का त्यागपत्र इन महिला पत्रकारों के समाचार कार्यस्थल पर लिंग समानता के उच्च मूल्यों को बनाए रखने के साहस का परिणाम है.

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‘पूर्व संपादक के लिए मानहानि का दावा करना ठीक नहीं’

गिल्ड ने कहा, ’’ उसे आशा है कि अकबर इनमें से कुछ शिकायतकर्ताओं के खिलाफ आपरधिक अवमानना के मामले को वापस लेकर शिष्टता का परिचय देंगे.’’ हालांकि अकबर को पूरा अधिकार है कि वह किसी नागरिक को उपलब्ध विधिक उपायों का प्रयोग करें, लेकिन एक वरिष्ठ संपादक के लिए यह ठीक नहीं होगा कि वह आपराधिक अवमानना के औजारों का प्रयोग करे, विशेषकर अकबर के लिए, जो कभी गिल्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं., लेकिन यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, या फिर ऐसे मामले अन्य महिलाओं के प्रति भी दायर करते हैं, तब गिल्ड उन्हें सहायता प्रदान कर सकता है। अगर उनमें से किसी को विधिक सलाह या सहायता की आवश्यकता होती है, तो ऐसे में गिल्ड अपनी तरफ से उनकी सहायता करने का पूरा प्रयास करेगा और वरिष्ठ वकीलों से उनका प्रतिनिधित्व सार्वजनिक हित में करने की अपील करेगा.”

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प्रिया रमानी के समर्थन में महिला पत्रकार

बता दें कि अकबर ने सोमवार को रमानी के खिलाफ दायर याचिका में कहा कि वह ’’जानबूझकर’’ और ’’दुर्भावना’’ से उनके खिलाफ ऐसे आरोप लगा रही हैं जिनका मकसद उनके राजनीतिक कद और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है. अवमानना मामले में रमानी व अन्य के समर्थन में अन्य महिलाएं व कुछ पुरुष भी आगे आये हैं. अकबर के एशियन एज समाचार पत्र में बतौर संपादक काम करने के दौरान उनके साथ काम कर चुकी 20 पत्रकारों ने उनके खिलाफ एक संयुक्त बयान भी जारी किया है.

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