फेक न्यूज

फेक न्यूज और गलत जानकारी रोकने के लिए ये कदम उठाने जा रही है फेसबुक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक फेक न्यूज और गलत जानकारियों के खतरे से निपटने के लिये स्थानीय विशेषज्ञता और ज्ञान पर ज्यादा ध्यान देगी। फेसबुक इंडिया की निदेशक (पब्लिक पॉलिसी) अंखी दास ने कहा कि प्रवर्तन और तकनीकी उपायों की मदद से फर्जी खबरों के प्रचार-प्रसार पर रोक लगायी जा सकती है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने म्यांमार और श्रीलंका में फेक न्यूज और गलत सूचना के कारण मॉब लिंचिंग की घटनाओं से सबक लिया है.

फेक न्यूज

दास ने यहां कहा, “म्यांमार और श्रीलंका में इन समस्याओं से बाहर आने के लिये हमने जो किया उससे अनुभव हासिल किया है। हमने जोखिम वाले देशों में विश्वसनीयता सुनिश्चित करने वाले नेटवर्कों (ट्रस्टेड फ्लैगर्स नेटवर्क) को दोगुना किया है, जहां हिंसा जैसी गतिविधियां हो सकती हैं।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में व्हॉट्सऐप पर मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा को पांच तक सीमित किया है। साथ ही मैैसेज या कंटेट को वायरल होने से रोकने के लिये किसी भी वीडियो सामग्री की फास्ट फॉरवर्ड की सुविधा बंद कर दी है।

क्या बुर्ज खलीफा पर राहुल गांधी की फोटो दिखाई गई थी? क्या है वायरल दावे की सच्चाई

फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हॉट्सऐप को फेक न्यूज फैलने के बाद भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने की घटनाओं के चलते तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। दास ने कहा, “इसलिये, इन सभी जोखिम वाले देशों में हम समाज के सभी समुदायों और अन्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करते हैं, ताकि हमें इन मुद्दों के बारे में पता रहे। साथ ही सुनिश्चित करते हैं कि हमारी प्रवर्तन टीमों को इसकी जानकारी हो ताकि वे हमारे मंच पर मौजूद इस तरह की सामग्रियों से निपट सके।”

उन्होंने कहा कि कंपनी उद्योग और समाज के सभी समुदायों के साथ चर्चा करके गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए अपने उपायों में सुधार जारी रखेगी।

इस बात में कितनी सच्चाई है कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को किसी ने थप्पड़ मारा है?

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

ये भी पढ़ें-

क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सच में राहुल गांधी के पैर छुए थे?

भाजपा सरकार की आलोचना करने पर पत्रकार को मिली एक साल की सजा

क्या कांग्रेस राज में भारत विश्व की 5 सबसे खराब अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था?

Posted in Social Media and tagged , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *