डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय

अब डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय के जरिए फेसबुक सिखाएगा कैसे इस्तेमाल करें सोशल मीडिया

फेसबुक शुरु करने जा रहा डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय

इंटरनेट के आज के इस युग में हर हाथ में मोबाइल है और हर व्यक्ति सोशल मीडिया पर उपस्थित है. सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने और सूचना के आदान-प्रदान का एक मुख्य स्त्रोत बन चुका है. यह मानव इतिहास में क्रांतिकारी परिवर्तन का कारण बना है और आज सोशल मीडिया के बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल हो गया है.

लेकिन हर बड़े बदलाव के साथ कुछ बड़ी चुनौतियां भी आती हैं और सोशल मीडिया का यह युग भी इनसे अछूता नहीं है. आज इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया के सामने अनेकों चुनौतियां हैं और इनमें सबसे विकट और खतरनाक है फेक न्यूज, तस्वीरों और वीडियो के जरिए नफरत फैलाना.

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज के जरिए लोगों को एक विचारधारा और पार्टी विशेष के पक्ष में गोलबंद करना, एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है. सबसे खतरनाक यह है कि फेक न्यूज का यह ‘व्यापार’ स्थापित राजनीतिक संस्थाओं द्वारा किया जाता है. हजारों-लाखों फेक न्यूज के झांसे में आकर गलत राय बना लेते हैं. भारत में फेक वायरल मैसेज के कारण कई लोगों की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या भी कर दी है.

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फेक जानकारी के इतने घातक होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है डिजिटल साक्षरता ना होना. लोगों के हाथ में मोबाइल और मोबाइल में इंटरनेट तो है, लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि इसका उपयोग कैसे करना है. इसी चुनौती से निपटने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक भारत में ‘डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय’ शुरु करने जा रही है.

डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय

फेसबुक इस पहल की शुरुआत 6 प्रमुख भारतीय भाषाओं से करने जा रही है. कंपनी का लक्ष्य साल के अंत तक देशभर में 3 लाख लोगों को जागरूक करने का है. फेसबुक के यह पुस्तकालय हिंदी, बंगाली, तमिल, कन्नड़, तेलुगू और मलयालम में उपलब्ध होंगे.

फेसबुक ने इससे संबंधित अपने बयान में कहा, ‘डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय ऐसे लोगों के लिए संसाधन के तौर पर काम करेगा जो डिजिटल साक्षरता की दिशा में काम करना चाहते हैं. यह युवाओं में सुरक्षित तरीके से डिजिटल प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में भी मददगार साबित होगा.’

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बता दें कि फेक न्यूज के कारण हुई हिंसाओं के बाद फेसबुक पर भी गंभीर सवाल उठे हैं और सरकार ने कंपनी से पूछा है कि उसने इससे निपटने के लिए क्या उपाय किए हैं. सरकार इससे संबंधित एक बिल भी लाने जा रही है, जिसमें फेक न्यूज के कारण हुई वारदात के लिए कंपनी को भी जिम्मेदार माना जाएगा. इसके अलावा दुनियाभर में भी फेसबुक पर सवाल उठ रहे हैं. इसलिए फेसबुक फेक न्यूज और जानकारी से निपटने के लिए ‘डिजिटल साक्षरता पुस्तकालय’ जैसे कई उपाय कर रही है.

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