फ्रेंको मुलक्कल

बलात्कार आरोपी बिशप फ्रेंको मुलक्कल के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली चार ननों को कान्वेंट छोड़ने को कहा गया

केरल में बलात्कार आरोपी बिशप फ्रेंको मुलक्कल के खिलाफ आंदोलन छेड़ने वाली पांच में से चार ननों को पिछले साल जारी तबादला आदेश के अनुसार कोट्टयम जिले में उनके कान्वेंट छोड़ने का आदेश जारी किया गया है.

रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर डायोसिस के तहत मिशनरीज ऑफ जीसस ने ननों को निर्देश दिया है कि वे उन कान्वेंट में जाकर जिम्मेदारी संभालें जो उन्हें मार्च-मई 2018 में जारी तबादला आदेश में सौंपी गई थीं.

हालांकि जिस नन के साथ बलात्कार करने और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोप मुलक्कल पर लगे हैं, उनके साथ रह रहीं ननों ने कहा कि वे कुरावियालनगड के कान्वेंट को छोड़कर नहीं जाएंगी. ननों और कैथलिक सुधार फोरम ने यहां सितंबर में प्रदर्शन किए थे जिस पर जनता की नाराजगी सामने आई और बिशप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी.

फ्रेंको मुलक्कल

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भारत में रोमन कैथलिक के वरिष्ठ सदस्य बिशप फ्रेंको मुलक्कल को पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था. नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कुरावियालनगड में कान्वेंटर में बार-बार उसके साथ बलात्कार किया. बिशप ने आरोपों को खारिज किया था. मामले में 54 वर्षीय बिशप को अस्थाई रूप से धर्मगुरू संबंधी सभी पदों से हटा दिया गया था.

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