न्यूजपैक

स्थानीय समाचार प्रकाशकों के लिए गूगल बना रहा नया पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म ‘न्यूजपैक’

गूगल छोटे मीडिया संस्थानों की मदद करने के लिए एक नया पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म ‘न्यूजपैक’ लाने की तैयारी कर रहा है. इस प्लेटफॉर्म से उन मीडिया संस्थानों को सहायता मिलेगी जो डिजिटल क्षेत्र में जाने में चुनौतियां झेल रहे हैं. इसके लिए गूगल न्यूज इनीशिएटिव ने दुनिया की 30 फीसदी वेबसाइट के केंद्र वेब डेवलपमेंट कंपनी ऑटोमेटिक एंड वर्डप्रैस.कॉम के साथ साझेदारी की है. न्यूजपैक बनाने के लिए गूगल ने 12 लाख डॉलर का निवेश किया है.

न्यूजपैक

कंपनी ने जानकारी देते हुए बताया कि न्यूजपैक एक तेज, सुरक्षित, सस्ता प्रकाशन तंत्र है जो छोटे मीडिया संस्थानों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म मीडिया संस्थानों के लिए इसी साल उपलब्ध हो जाएगा.

गूगल सर्च के प्रोडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर जिम अलब्रेट ने कहा कि समाचार पत्रों को कर्मियों की संख्या में कटौती करनी पड़ी और कवरेज घटाना पड़ा. साथ ही उन्होंने कहा कि नया डिजिटल पब्लिकेशन शुरू करने का प्रयास करने वाले संवाददाताओं को तकनीकी और व्यापारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों को लेख लिखने चाहिए और उनके समुदायों को कवर करना चाहिए, उन्हें वेबसाइटों की डिजायनिंग, CMS बनाने या वाणिज्यिक तंत्र तैयार करने की चिंता नहीं करनी चाहिए.

गूगल को आपके बारे में पता हैं ये बातें

– गूगल को इस बात की जानकारी है कि आप अपना ज्यादातर समय कहां गुजारते हैं. अगर आपके फोन में लोकेशन ऑन है तो गूगल को इस बात का भी पता है कि आप कहां-कहां जाते हैं, वहां कितने समय रूकते हैं, किस समय वापस आते हैं.
– गूगल को सब पता है कि आपने क्या-क्या सर्च किया है और सर्च करने के बाद क्या-क्या डिलीट किया है.
– गूगल ने आपके लिए एक एडवरटाइजमेंट प्रोफाइल भी बना रखा है. इसके जरिए गूगल आपकी उम्र, लोकेशन, लिंग, शौक, करियर, रिलेशनशिप स्टेट्स और वजन के आधार पर आपको विज्ञापन दिखाती है.

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– गूगल को यह भी पता है कि आपके डिवाइस में कौन-कौन सी ऐप हैं. आप उन ऐप्स को कब इस्तेमाल करते हैं. आप उन ऐप के जरिए किन-किन लोगों से बात करते हैं.
– आपने यूट्यूब पर जो भी देखा है उसका पूरा रिकॉर्ड गूगल के पास है. आपके देखे गए वीडियो के आधार पर गूगल पता लगा सकती है कि आप क्या करते हैं, आपकी विचारधारा क्या है, आप क्या करने की योजना बना रहे हैं आदि-आदि.
– गूगल के पास आपके द्वारा भेजा गया हर ईमेल का रिकॉर्ड है. इसके अलावा कंपनी को यह भी पता है कि आपने अपने स्मार्टफोन में कौन-कौन सी ऐप्स डाउनलोड की, गूगल की कौन-कौन से विज्ञापनों को देखा आदि.

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– गूगल के पास आपका सारा वो डाटा है जो आप गूगल पर जाकर डिलीट करते हैं. वो डाटा बेशक एक बार आपके डिवाइस से डिलीट हो जाए, लेकिन गूगल के पास उसका सारा रिकॉर्ड रहेगा. साथ ही गूगल इस पूरे डाटा को डाउनलोड करने का ऑप्शन देती है. यह डाटा आप google.com/takeout से ले सकते हैं.

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