दूरदर्शन के पत्रकार

नक्सलियों के हमले में बाल-बाल बचे दूरदर्शन के पत्रकार धीरज कुमार ने क्या कहा

जानें नक्सली हमले में बचे दूरदर्शन के पत्रकार ने क्या कहा

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों के हमले में दूरदर्शन के कैमरामैन अच्युतानंद साहू की मौत हो गई है. इस हमने में दो पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए. दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ में चुनाव की कवरेज के लिए एक कैमरा टीम तैनात किया था. इस टीम में कैमरामैन अच्युतानंद साहू, रिपोर्टर धीरज कुमार और सहायक मोरमुक्त शर्मा शामिल थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमला उस वक्त हुआ जब दिल्ली दूरदर्शन की एक टीम जंगल के भीतर सुरक्षा बलों के साथ उनकी गतिविधियों का कवरेज करने के लिए पहुंची थी. नक्सलियों ने इस इलाके में चुनाव बहिष्कार की अपील की है. वे पत्रकारों समेत तमाम राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपना निशाना बना रहे हैं.

हमले में जिंदा बचे दूरदर्शन के पत्रकार धीरज कुमार ने कही ये बात

नक्सली हमले में अपने साथी को खो चुके दूरदर्शन के पत्रकार धीरज कुमार को आज का मंजर उम्र भर डराता रहेगा. धीरज इसे अपना दूसरा जन्म मान रहे हैं. राज्य के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नीलावाया गांव में दिल्ली से आए तीन मीडियाकर्मी समाचार कवरेज के लिए जा रहे थे. जब मीडियाकर्मी गांव के करीब थे तभी नक्सलियों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें कैमरामैन अच्युतानंद साहू की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई.

दूरदर्शन के पत्रकार

दूरदर्शन के पत्रकार और इस घटना के गवाह धीरज कुमार बिहार के बेगुसराय के निवासी हैं. 37 वर्षीय कुमार ने बताया कि राज्य में हो रहे विधानसभा चुनाव में रिपोर्टिंग के लिए आई उनकी टीम पिछले दो दिनों से दंतेवाड़ा क्षेत्र में है. उन्हें जानकारी मिली थी कि गांव में 20 साल में पहली बार मतदान होगा. यह समाचार वह लोगों तक पहुंचाना चाहते थे. उन्होंने बताया कि वे लोग करीब साढे 10 बजे नीलावाया गांव के करीब थे तभी नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस घटना में साहू को गोली लगी और वह वहीं गिर गए.

पढ़ें- नक्सलियों के हमले में कैमरामैन की मौत- युद्ध क्षेत्र में रिपोर्टिंग के खतरे और सावधानियां

धीरज के मुताबिक जब साहू जमीन पर गिरे तब उन्हें लगा कि किसी कारणवश गिरे हैं। लेकिन जब गोली चलने की आवाज आने लगी और पैर के करीब से गोली निकली तब समझ में आया कि नक्सली हमला हुआ है. इसके बाद वह गडढे में छिप गए. उन्होंने बताया कि नक्सली बड़ी संख्या में गोलीबारी कर रहे थे और हथगोला भी फेंक रहे थे. इस दौरान चार पांच हथगोला भी फटे. इधर से पुलिस के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की थी.

उन्होंने बताया कि लगभग 45 मिनट तक गोली चलने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव अतिरिक्त बल लेकर वहां पहुंचे और लगातार कार्रवाई करते रहे. पुलिस की कार्रवाई को देखते हुए नक्सली वहां से फरार हो गए और उनकी जान बच सकी. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी घटना है जिसे जीवन में कभी नहीं भूल पाएंगे. अपने साथी के बिछड़ने का गम जिंदगी भर रहेगा. यह उम्र भर डराता रहेगा. यह हमारा दूसरा जन्म है.

पढ़ें- क्या है सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ के पास बैठे गरीब और भूखे लोगों का सच?

पढ़ें- अपनी नन्हीं बेटी के साथ ड्यूटी करती महिला पुलिसकर्मी की वायरल फोटो को सच

पढ़ें- ALERT : शेयर हो रही है भारतीय सैनिक द्वारा कश्मीरी युवक के जूते चुराने की फेक न्यूज

Posted in Trending and tagged , , , , , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *