फेक न्यूज

फेक न्यूज के मामले में दुनियाभर में पहले नंबर पर भारत, आम चुनाव से पहले खतरे की घंटी

फेक न्यूज की समस्या से पूरी दुनिया जूझ रही है. कई देश फेक न्यूज को लेकर कानून भी बना रहे हैं, इसके बावजूद यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया में भारत में सबसे ज्यादा फेक न्यूज की समस्या है. माइक्रोसॉफ्ट के एक सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई है. माइक्रोसॉफ्ट द्वारा दुनिया के 22 देशों में किए गए सर्वे में पता चला है कि 64 प्रतिशत भारतीयों को फर्जी खबरों का सामना करना पड़ा है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 57 प्रतिशत है.

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फेक न्यूज ने ली हैं कई जानें

भारत में कई लोगों को फर्जी खबरों की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी हैं. देश के कई हिस्सों में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद भीड़ ने आम लोगों को निशाना बनाया, जिसमें कई जानें गईं. इसके बाद बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों पर कड़ाई की. इसके बाद वॉट्सऐप ने कार्रवाई करते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर मैसेज फॉर्वर्डिंग की संख्या सीमित करके पांच कर दी थी.

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फेक न्यूज फैलाने में फेक उम्रदराज लोग सबसे आगे

फर्जी खबरों को लेकर हुए एक सर्वे में पता चला था 36 से 65 साल तक की उम्र के लोग फेक न्यूज फैलाने में सबसे आगे होते हैं. बीबीसी ने फर्जी खबरों को लेकर एक बड़ी रिसर्च की थी. इस रिसर्च में सामने आया कि लोग ‘राष्ट्र निर्माण’ की भावना से राष्ट्रवादी संदेशों वाली फ़ेक न्यूज़ को शेयर कर रहे हैं.

लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है फेक न्यूज

लोकतंत्र में सही सूचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. लोग उन तक पहुंचने वाली सूचनाओं के आधार पर ही अपने विचार बनाकर सरकार को चुनते हैं, लेकिन अगर सच्चाई को छिपाकर लोगों तक फेक न्यूज पहुंचाई जाएगी तो लोग इसके भ्रमजाल में फंसकर ऐसा फैसला लेंगे जो पूरी तरह झूठ पर आधारित होगा. भारत में अभी कुछ महीनों में चुनाव होने हैं. ऐसे में फेक न्यूज का फैलाव चिंता का विषय है. यह लोकतंत्र और उसके नागरिकों को बुरी तरह प्रभावित करती हैं.

फर्जी खबरों से खुद को बचाइये

हम लगातार आपको फर्जी खबरों से आगाह करते आए हैं. यह बात समझने वाली हैं कि जैसे-जैसे इंटरनेट का प्रसार बढ़ेगा, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएंगी. फेक न्यूज हमारे समाज और देश के लिए खतरा है. इसलिए इससे बचकर रहना बहुत जरूरी है.

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सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज को लेकर हमारी अपील

सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर फेक न्यूज शेयर की जा रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे, वैसे-वैसे फेक न्यूज बढ़ती जाएगी. एक जागरूक नागरिक होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप फेक न्यूज को फैलने से रोके. इसके लिए अगर आपके पास कोई भी न्यूज आती है तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फर्जी खबरें समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचें और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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