क्या आपको पता है ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ के अंदर 2 IIT, 5 IIM और 6 ISRO समाए हुए हैं!

जानें स्टैचू ऑफ यूनिटी की लागत और इतनी रकम से क्या-क्या बन सकता था?

देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैचू ऑफ यूनिटी की लागत करीब 29.89 अरब रुपए हैं. गुजरात में बनी इस मूर्ति का अनावरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों-इशारों में कांग्रेस पर पटेल की विरासत को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया.

स्टैचू ऑफ यूनिटी की लागत

लेकिन इसका दूसरा पक्ष ये है कि स्टैचू ऑफ यूनिटी की लागत को लेकर सरकार की आलोचना भी हो रही है. इंडिया स्पेंड के विश्लेषण के मुताबिक, इस मूर्ति को बनाने में जितनी रकम खर्च की गई है, उतने पैसों में दो आईआईटी, पांच आईआईएम और मंगल के लिए 6 नए इसरो केंद्र का निर्माण किया जा सकता है.

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रिपोर्ट के अनुसार, मूर्ति को बनाने के लिए शुरुआत में जो प्रस्ताव केंद्र सरकार को सौंपा गया था, वास्तव में मूर्ति बनाने में उसके दोगुने से अधिक का खर्च आया है.

पटेल की याद में समर्पित इस मूर्ति की ऊंचाई 182 मीटर है, जो दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है. पटेल आजाद भारत के पहले गृह मंत्री थे और भारत के एकीकरण में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है. गुजरात के किसान इस मूर्ति निर्माण का विरोध कर रहे हैं और उनकी मुख्य नाराजगी पुनर्वास और मूर्ति के इलाके में पानी को सिंचित किए जाने को लेकर है.

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विश्लेषण के मुताबिक, इस रकम से 40,192 हेक्टेयर जमीन को सिंचित किए जाने के साथ, 162 से अधिक छोटी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार और 425 नए छोटे बांध बनाए जा सकते थे. जाहिर है कि इतनी रकम प्रतिमा की जगह कृषि क्षेत्र में लगाने पर गुजरात में किसानों के हालत में जमीन-आसमान का अंतर आ जाता.

जानें 2989 करोड़ रुपये में क्या कुछ बनाया जा सकता है?

  • स्टैचू ऑफ यूनिटी को बनाने में जितना खर्चा आया है, वह 2017-18 में राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से गुजरात को दी गई रकम 365 करोड़ रुपये के मुकाबले आठ गुना से भी अधिक है.
  • स्टैचू ऑफ यूनिटी की लागत में दो नए आईआईटी कैंपस का निर्माण किया जा सकता है. इंडिया स्पेंड के विश्लेषण के मुताबिक, एक आईआईटी कैंपस को बनाने की लागत 11.67 अरब रुपए है.
  • इस लागत से दो नए एम्स का निर्माण भी किया जा सकता है. विश्लेषण के मुताबिक एम्स के कैंपस की निर्माण लागत करीब 11.03 अरब रुपए है.
  • प्रति कैंपस 5.39 अरब रुपये की लागत को देखते हुए इतनी रकम में पांच नए आईआईएम कैंपस भी बनाए जा सकता हैं.

तो आपने जाना कि सरदार पटेल की प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी पर हुए खर्चे से क्या-क्या किया जा सकता था. अगर इस रकम को शिक्षा, स्वास्थ या कृषि के क्षेत्र में लगाया जाता तो करोड़ों लोगों के जीवन में सुधार लाया जा सकता था. इसी कारण स्टैचू ऑफ यूनिटी के औचित्य और सरकार पर सवाल भी उठ रहे हैं. लेकिन सरकार का मानना है कि देश को एकसूत्र में पिरोने का काम करने वाले सरदार पटेल को यही सम्मान और महत्व देने के लिए यह जरूरी था.

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