जानिये, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और अफवाह रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है

केंद्र सरकार सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज और अफवाह की रोकथाम के लिए कानून बनाने की दिशा में कदम उठा रही है. इसके तहत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से ऐसा सिस्टम बनाने को कहा है जिससे फेक न्यूज और अफवाह फैलाने वाले कंटेट पर तुरंत एक्शन हो सके. इस संबंध में चर्चा करने के लिए गृह सचिव राजीव गौबा ने सोशल मीडिया कंपनियों जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, गूगल के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की.

फेक न्यूज और अफवाह

बैठक में फेक न्यूज और अफवाह फैलाने वाले कंटेट को रोकने और नई गाइडलाइंस बनाने पर चर्चा की गई. इसके अलावा फेक न्यूज और अफवाह की वजह से हुई हिंसक घटनाओं, महिलाओं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेट पर भी बात हुई. सरकार की तरफ से सोशल मीडिया कंपनियों को फेक न्यूज और अफवाह और इन्हें शेयर करने वाले अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए खास सिस्टम की बात कही गई. इसके अलावा कंपनियों को एंटी नेशनल कंटेट रोकने के लिए भी खास निर्देश दिए गए हैं.

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बता दें कि केंद्र सरकार ने फेक न्यूज और अफवाह रोकने के लिए नया कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. नये काूनन के बाद ऐसा कंटेट शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी.

फेक न्यूज और अफवाह फैलाने पर होगी सजा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब इस कानून पर अंतिम सहमति बनाकर कैबिनेट के सामने पेश किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से 66 (ए) को खत्म करने के बाद इस बार सरकार सोशल मीडिया के लिए अलग से कानून नहीं लाएगी. सरकार आईपीसी की मौजूदा धारा में ही बदलाव कर सोशल मीडिया या ऑनलाइन हेट या अफवाह वाले कॉन्टेंट पर कड़ा दंड देने के लिए अलग से प्रावधान आईपीसी में देगी. यदि कानून पास हो गया तो ऐसे कॉन्टेंट पर कम से कम तीन साल की सजा होगी और यह अपराध गैर जमानती भी होगा.

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