यूपी पुलिस

बीजेपी पार्षद ने की यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर की पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

उत्तर प्रदेश पुलिस (यूपी पुलिस) पिछले कुछ महीनों से लगातार खबरों में हैं. ये सुर्खियां यूपी पुलिस के अच्छे काम से ना होकर उसके विवादों से ज्यादा बनी हैं. कुछ दिन पहले विवेक तिवारी हत्याकांड हुआ था. इस मामले में यूपी पुलिस के एक सिपाही पर विवेक तिवारी की हत्या करने का आरोप है. इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था और यूपी पुलिस की देशभर में किरकिरी हुई थी. अब एक और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है. पहले यह वीडियो देखिये, उसके बाद बाकी बातें-

यह वीडियो मेरठ का बताया जा रहा है. इस वीडियो को पीयूष राय ने ट्वीट किया है. पीयूष टाइम्स ऑफ इंडिया से जुड़े पत्रकार हैं. जानकारी के मुताबिक, वीडियो में एक रेस्टोरेंट मालिक, जो बीजेपी पार्षद हैं, एक पुलिस सब इंस्पेक्टर की पिटाई कर रहा है. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह पंवार और एक महिला ने खाने की देरी का विरोध किया, जिसपर बवाल हो गया. आरोप है कि नशे की हालत में पहले महिला ने तोड़फोड़ करते हुए गाली गलौच की. इसके बाद होटल मालिक भाजपा नेता और होटल के स्टाफ ने होटल को अंदर से बंद करके दरोगा को जमकर पीटा.

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इस वीडियो में दिख रहा है कि बीजेपी पार्षद दरोगा को पीट रहे हैं, इसके कारण कुछ भी रहे हों, लेकिन किसी का इस तरह कानून हाथ में लेना जायज नहीं ठहराया जा सकता. पिछले कुछ समय से देशभर में लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं. पहले शक के आधार पर भीड़ लोगों पर हमला करती थी, अब इस जद में पुलिस वाले भी आ गए हैं. यह वीडियो इसी की एक बानगी है. लोगों और नेताओं के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वो पुलिस पर भी हाथ उठाने से नहीं डर रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने इस वीडियो पर एक पोस्ट लिखी है. यह पोस्ट आप नीचे पढ़ सकते हैं.

यूपी पुलिस ख़ुद को भंग कर बीजेपी से पार्षद बन जाए मेरठ से आए एक वीडियो को देख रहा हूँ। बीजेपी पार्षद दारोग़ा की गर्दन…

Posted by Ravish Kumar on Saturday, October 20, 2018

इस वीडियो के वायरल होने के कुछ देर बाद एक और वीडियो सामने आया. इस वीडियो में सब इंस्पेक्टर बीजेपी पार्षद पर हाथ चलाते दिख रहे हैं. देखिये यह वीडियो-

आपको बता दें कि यूपी पुलिस लगातार चर्चा मे हैं. विवेक तिवारी हत्याकांड के वक्त पुलिस पर सिपाही को बचाने के आरोप लगे थे. साथ ही आशंका जताई गई कि पुलिस ने घटनास्थल पर सबूतों से भी छेड़छाड़ की. शीर्ष अधिकारियों के आदेशों के बावजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी सिपाही के समर्थन में काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की थी.

इससे पहले यूपी पुलिस पर एनकाउंटर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. एनकाउंटर में मारे गए कई लोगों के परिजनों के आरोप हैं कि उन्हें घर से उठाया गया. इसके अलावा विपक्ष भी लगातार इन एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार और पुलिस पर सवाल उठा रहा है.

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