बीजेपी का प्रचार पर खर्च

FACT CHECK : प्रचार पर हर साल कांग्रेस से दोगुना खर्च कर रही है बीजेपी सरकार

2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार अपने प्रचार पर पानी की तरह पैसा बहा रही है. पिछले चार सालों में सरकार ने अपने प्रचार के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. जी हां, सही पढ़ा आपने. इतनी रकम में भारत 11 मंगलयान अंतरिक्ष में भेज सकता था. सितंबर 2014 में भेजे गए मंगलयान पर 450 करोड़ रुपये खर्च आया था. यह बीजेपी का प्रचार पर खर्च से काफी कम है.

बीजेपी का प्रचार पर खर्च

समाचार पोर्टल द वायर को आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार में साल 2014 से लेकर सितंबर 2018 तक में 4996.61 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है. इसमें से 2136.39 करोड़ रुपये प्रिंट में विज्ञापन के लिए खर्च किया गया. 2211.11 करोड़ रुपये की राशि को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए विज्ञापन में खर्च किया गया है. इसके अलावा 649.11 करोड़ रुपये आउटडोर पब्लिसिटी में खर्च किया गया है.

बीजेपी का प्रचार पर खर्च

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर खर्च

  • 2014-15 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए विज्ञापन में 470.39 करोड़ खर्च किया गया.
  • साल 2015-16 में 541.99 करोड़ रुपये
  • साल 2016-17 में 613.78 करोड़ रुपये
  • साल 2017-18 में 474.76 करोड़ रुपये
  • साल 2018-19 में अभी तक 110.16 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है.

आउटडोर पब्लिसिटी पर खर्च

  • आउटडोर पब्लिसिटी के जरिए विज्ञापन में साल 2014-15 में 81.27 करोड़
  • 2015-16 में 118.51 करोड़ रुपये
  • 2016-17 में 186.37 करोड़ रुपये
  • 2017-18 में 208.54 करोड़ रुपये
  • 2018-19 में 10 अक्टूबर तक 54.39 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है.

इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने राज्यसभा में बताया था कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वच्छ भारत अभियान, स्मार्ट सिटी मिशन और सांसद आदर्श ग्राम योजना पर पिछले तीन सालों में 2015-16 में 52 विज्ञापनों पर 60.94 करोड़ रुपये, 2016-17 में 142 विज्ञापनों पर 83.26 करोड़ और 2017-18 में 309 विज्ञापनों पर 147.96 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

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कांग्रेस के मुकाबले बीजेपी का प्रचार पर खर्च कितना

फैक्टली वेबसाइट के मुताबिक, यूपीए सरकार ने अपने दस साल के कार्यकाल में औसतन 504 करोड़ रुपये हर साल विज्ञापन पर खर्च किया था. वहीं बीेजेपी का प्रचार पर खर्च का आंकड़ा काफी ज्यादा है. मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान हर साल औसतन 1202 करोड़ रुपये प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए.

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