बेरोजगारी

नौकरियां देने में फेल हुई मोदी सरकार, बेरोजगारी दर 45 साल के उच्चतम स्तर पर

भारत में बेरोजगारी रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है. राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, 2017-18 में बेरोजगारी पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा 6.1 फीसद रही. इसी दौरान शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा रही. शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर 7.8 फीसद जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 5.3 फीसद थी. आपको बता दे कि 2011-12 बेरोजगारी दर केवल 2.2 फीसदी थी.

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हालांकि, सरकार द्वारा यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीँ की गई. राष्ट्रीय सांख्यिकीय आयोग के कार्यकारी चेयरपर्सन पीसी मोहनिन सहित आयोग के दो सदस्यों ने रिपोर्ट को मंजूर न किए जाने के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने एनडीटीवी को बताया कि हम आयोग में साइडलाइन महसूस कर रहे थे और हमें गंभीरता से नहीँ लिया जा रहा था.

नीति आयोग ने उठाए बेरोजगारी दर की रिपोर्ट पर सवाल

इस बीच, नीति आयोग ने प्रकाशित रिपोर्ट पर सवाल उठाए है. आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने जलदबाजी में की प्रेस वार्ता में रिपोर्ट को मसौदा बताया. राजीव ने दावा किया कि अंतिम रिपोर्ट मार्च में जारी की जाएगी, लेकिन शुक्रवार के इंडियन एक्सप्रेस को पीसी मोहनिन ने बताया कि जारी रिपोर्ट अंतिम रिपोर्ट है.

बेरोजागरी पर इस रिपोर्ट ने मोदी सरकार की परेशानी बढ़ा दी है. साथ ही विपक्ष को मोदी सरकार पर हमला करने का मौका दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है. मोदी की तुलना अप्रत्यक्ष रूप से हिटलर से करते हुए कहा कि हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन 5 साल बाद नौकरी सर्वेक्षण राष्ट्रीय आपदा दिखा रही है. बेरोजगारी 45 वर्ष के उच्चतम स्तर पर. 2017-18 में 6.5 करोड़ युवा बेरोजगार.

बीजेपी ने अपने बचाव करते हुए राहुल गांधी की तुलना मुसोलिनी से की. पार्टी ने ट्वीट कर दावा किया की कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के डाटा ने पिछले 15 महीने में नौकरियों में बढ़ोतरी दिखाई है. पार्टी ने राहुल को फेक न्यूज फैलाने वाला बताया.

जबावी ट्वीट में कांग्रेस ने कहा, “क्या आपकी सरकार की एजेंसी का नौकरियों पर डेटा फेक न्यूज है?”
साफ है कि नौकरियों के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव से पहले सरकार और विपक्ष में जंग छिड़ने वाली है.

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