सोनम महाजन

#MeToo : वैचारिक मतभेद भूलकर महिलाओं का समर्थन कर रहे लोग, ट्विटर पर दिखी एक झलक

#MeToo कैंपेन देश में अपने चरम पर है और बीजेपी नेता एमजे अकबर के विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफे को इस आंदोलन की एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन इस माहौल में भी कुछ व्यक्तियों पर पुरुषवादी सोच और ताकत का ऐसा गुरुर सवार है कि वो यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं को ही खामोश करने की कोशिश कर रहे हैं. ताजा मामला सोनम महाजन का है.

जिस मामले की हम बात कर रहे हैं वह बीजेपी सांसद राजीव चंद्रशेखर और उनके एक करीबी से जुड़ा हुआ है. राजीव चंद्रशेखर के बैंगलोर स्थित ऑफिस में काम करने वाली कर्मचारी सोनम महाजन ने उनके करीबी अभिनव खरे पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. लेकिन अब एक साल बाद खरे पर तो कोई कार्रवाई हुई ही नहीं, बल्कि सोनम को कंपनी से जरूर निकाल दिया गया है. जबकि कंपनी की आंतरिक जांच में सोनम के आरोपों की पुष्टि हुई थी.

सोनम महाजन

इसके साथ ही खरे ने सोनम के खिलाफ कोर्ट से एक अंतरिम ऑर्डर भी ले लिया है, जिसके बाद वह मामले के बारे में किसी से बात भी नहीं कर सकती. इस कानूनी कार्रवाई के लिए खरे ने उसी लॉ फर्म की सेवाएं ली हैं, जो चंद्रशेखर प्रयोग करते हैं. यानि कि आंतरिक जांच की रिपोर्ट आरोपी खरे के खिलाफ आने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि यौन उत्पी़ड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिला को ही कंपनी से निकाल दिया गया और अब उसकी आवाज को भी खामोश करने की कोशिश की जा रही है.

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सोनम महाजन के आरोप

वहीं, #MeToo मूवमेंट शुरु होने के बाद सोनम ने ट्विटर पर बीजेपी सांसद राजीव चंद्रशेखर के यौन उत्पीड़न से लड़ने के वादे पर सवाल उठाए थे. उन्होंने 17 अक्टूबर को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘सारे ट्रॉल अकाउंट जिनके 0 या 1 फॉलोअर हैं और मेरे बारे में बकवास लिख रहे हैं, उन्होंने केवल एक इंसान और कंपनी के ट्वीट्स को ही रिट्वीट किया है. ये किसी का दोहरा चरित्र उजागर करता है. कोई भी जो पीड़िता की तरफ है, वह उसके बदनाम करने के लिए एक हैरासमेंट टीम नहीं बनाएगा.’ इस ट्वीट के जरिए सोनम का निशाना राजीव पर था.

सोनम महाजन के समर्थन में आए अभिसार शर्मा

लेकिन इस सबके बीच सोशल मीडिया पर चर्चित हस्तियां अपनी विचारधाराओं की सीमाएं भूलकर सोनम के समर्थन में आ रही हैं. इन्हीं में से एक नाम हैं चर्चित पत्रकार अभिसार शर्मा का. ट्विटर पर सोनम को ट्रोल द्वारा जमकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है और अभिसार ने मामले पर ट्वीट करते हुए सोनम का समर्थन किया है. अभिसार ने लिखा है, ‘मेरा पहले सोनम महाजन के साथ झगड़ा हो चुका है लेकिन सोनम मैं तुम्हारे के साथ खड़ा हूं और हमेशा तुम्हारा साथ देता रहूंगा.’

अभिसार के इस ट्वीट का सोनम महाजन ने भी जबाव दिया है. सोनम ने लिखा है, ‘आपके समर्थन से अभिभूत हुई अभिसार, खासकर इसलिए क्योंकि मेरे आपसे वैचारिक मतभेद थे, हैं और रहेंगे. जब जिन लोगों से मुझे समर्थन की उम्मीद थी, उन्होंने मुझे धोखा दिया, तब तुमने मेरा भरोसा किया. मैं उम्मी करती हूं कि तुम सारी #MeToo विक्टिम्स का समर्थन करोगो, चाहें उन्हें शोषित करने वाला कोई भी हो.’

बता दें कि जहां सोनम दक्षिणपंथी विचारों की हैं, वहीं अभिसार के विचार लेफ्ट या वामपंथी विचारधारा की तरफ ज्यादा झुकाव रखते हैं. जब सोनम के खुद की विचारधारा के लोग और सह कर्मचारियों ने उनका साथ छोड़ दिया, तब उनसे बिल्कुल विपरीत विचारधारा के लोग उनका समर्थन कर रहे हैं. ऐसे मुद्दे पर विचारधारा को किनारे करके सभी का एक प्लेटफॉर्म पर आना #MeToo की सफलता को दिखाता है. साथ ही ये सिखाता है कि देश और समाज हित के मुद्दों पर हमें अपनी विचारधारा को किनारे करने की जरूरत है.

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