प्रिंट मीडिया

प्रिंट मीडिया में सरकारी विज्ञापन दरों में बढ़ोतरी से उद्योग को होगा फायदा- रिपोर्ट

हाल ही में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अखबारों को जारी किए जाने वाले विज्ञापनों की दर में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया था. अखबारों को यह विज्ञापन ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्यूनिकेशन द्वारा दिया जाता है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं और यह तीन साल के लिये वैध रहेंगी। इससे पहले 2013 में दरों में इजाफा हुआ था। वर्ष 2010 की तुलना में उस समय 19 प्रतिशत की वृद्धि की गयी थी.

प्रिंट मीडिया

अब एक रिसर्च में पता चला है कि प्रिंट मीडिया के लिये सरकारी विज्ञापन की दरें बढ़ने से इस उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। केयर रेटिंग्स ने यह बात कही है. सरकार के इस कदम से प्रिंट मीडिया उद्योग की आय बढ़ेगी। प्रिंट उद्योग का आकार वित्त वर्ष 2017-18 में करीब 31,800 करोड़ रुपये था.

एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस फैसले से भारतीय प्रिंट मीडिया में काम कर रही कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है. दिसंबर 2017 के बाद से कर कटने के बाद इनके परिचालन आय और मुनाफे में गिरावट देखी जा रही है. वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में कंपनियों के राजस्व में गिरावट आई. इसकी वजह त्योहारी सीजन तीसरी तिमाही में होना, वाहन, शिक्षा और खुदरा उद्योगों का विज्ञापन पर कम खर्च, अखबारी कागज (न्यूज प्रिंट) की कीमतों में वृद्धि और रुपये में गिरावट रही.

FACT CHECK: क्या अशोक गहलोत ने कहा है कि कांग्रेस सरकार का अंत होना निश्चित है?

केयर रेटिंग्स ने कहा कि इस कदम से सरकार द्वारा मिलने वाले विज्ञापनों की दरें बढ़ेंगी, जो कमर्शियल विज्ञापनों की दरों की तुलना में पहले काफी कम करीब 10 प्रतिशत है. एजेंसी ने कहा कि दैनिक अखबारों का करीब 70 प्रतिशत राजस्व विज्ञापनों से आता है. सरकार के विज्ञापन दरों को बढ़ाने से अखबारों की परिचालन आय में वृद्धि होगी. खासकर क्षेत्रीय और छोटे अखबारों को काफी मदद मिलेगी, जो कि काफी हद तक विज्ञापनों को निर्भर रहते हैं.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

ये भी पढ़ें-

क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सच में राहुल गांधी के पैर छुए थे?

भाजपा सरकार की आलोचना करने पर पत्रकार को मिली एक साल की सजा

क्या कांग्रेस राज में भारत विश्व की 5 सबसे खराब अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था?

Posted in Media and tagged , , , , , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *