पुलवामा हमलाः जवानों को हवाई जहाज से ले जाना चाहती थी CRPF लेकिन नहीं मिली थी इजाजत

पुलवामा हमला – जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में देश ने 40 सीआरपीएफ जवान खो दिए हैं. जवानों की शहादत के बाद देश में गम का माहौल है. सरकार ने हमले के बाद कहा कि सेना को खुली छूट दी गई है. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.

पुलवामा हमला

हमले के बाद सुरक्षा चूक की बात भी सामने आ रही है. द क्विंट पर छपी खबर के मुताबिक, सीआरपीएफ ने जवानों को जम्मू से श्रीनगर ले जाने के लिए एयर लिफ्ट (हवाई जहाज से ले जाना) की मांग की थी, लेकिन इस मांग को नहीं माना गया. बता दें कि सीआरपीएफ के 2500 जवानों वाला यह काफिला सड़कमार्ग से होता हुआ जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में लेथपोरा के पास काफिले पर आतंकी हमला हो गया.

पुलवामा हमले में शहीद जवानों की परिवारों की मदद के लिए यहां कर सकते हैं दान

क्विंट ने खबर में बताया है कि कुछ दिनों से बर्फबारी के कारण कई जवान जम्मू में फंस गए थे. इन्हें श्रीनगर ले जाने के लिए सीआरपीएफ ने अपने हेडक्वार्टर से एयरलिफ्ट की मांग की थी. हेडक्वार्टर ने यह मांग गृह मंत्रालय को भेज दी थी. इसके बाद इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही सीआरपीएफ को इस मांग का जवाब दिया गया, जिसके बाद जवानों को सड़क से होते हुए जाना पड़ा.

पुलवामा हमला

एक अधिकारी ने बताया कि सड़क की बजाय हवाई जहाज से जवानों को ले जाना सबसे सुरक्षित होता है. यह न सिर्फ सस्ता रहता है बल्कि इसमें समय की भी बचत होती है.

अलर्ट के बाद भी हुआ हमला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों के पास पहले से यह अलर्ट था कि आतंकी हमला हो सकता है. बीती आठ फरवरी यानी हमले से लगभग एक हफ्ते पहले इंटेलीजेंस ब्यूरो ने CRPF को एक लेटर लिखकर मूवमेंट के पहले इलाके को अच्छी तरह से साफ करने को कहा गया था. IB ने IED के इस्तेमाल की भी आशंका जताई थी.

सरकार ने खारिज किया दावा

मीडिया में आ रही इन रिपोर्ट्स को सरकार ने खारिज किया है. गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि मीडिया में आ रही ऐसी खबरें झूठ हैं.

हमारी अपील

पूरा देश में इस समय गम और गुस्से का माहौल है. इस कायराना हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. कुछ लोग इस माहौल का गलत फायदा उठाकर नफरत फैलाने की कोशिश में लगे हैं. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जो इस हमले से जुड़े हुए नहीं है, लेकिन उन्हें यहां का बताया जा रहा है. ऐसे नाजुक मौके पर हम आपसे फेक न्यूज, फेक वीडियो और फेक फोटो से सावधान रहने की अपील करते हैं.

अगर आपके पास ऐसा कोई वीडियो, न्यूज या फोटो आती है, जिस पर आपको शक है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं. हम उसका सच आपके सामने रखने की कोशिश करेंगे.

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