एस गुरुमूर्ति

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर आरबीआई के पार्ट टाइम डायरेक्टर एस गुरूमूर्ति का शर्मनाक ट्वीट

देश में पिछले कुछ दिन से सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा चर्चा में है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद महिलाएं मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकी है. कई संगठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर महिलाओं को मंदिर में जाने से रोक रहे हैं. इसे लेकर केरल में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे. अब इस मुद्दे पर आरबीआई के पार्ट टाइम डायरेक्टर और बीजेपी सरकार के करीबी माने जाने वाले एस गुरुमूर्ति ने शर्मनाक ट्वीट किया है.

एस गुरुमूर्ति

सबरीमाला मंदिर

एस गुरुमूर्ति ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मुझे ये व्हाट्सऐप पर मिला. सबरीमाला का सबसे सही उपाय है कि वहां पर तंत्री के तौर पर बिशप फ्रैंको मुलक्कल को नियुक्त कर दिया जाए. इससे 60 से ऊपर की उम्र की महिलाएं भी सबरीमाला मंदिर में आने से डरेंगी’ उनके इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं-

एस गुरुमूर्ति

एस गुरुमूर्ति का यह ट्वीट बेहद अशोभनीय है. इस ट्वीट के बारे में बात करें उससे पहले इसमें दिए गए मुद्दों के बारे में जान लेते हैं. सबसे पहले सबरीमाला मंदिर के बारे में. सबरीमाला मंदिर में पीरियड्स होने वाली महिलाओं की एंट्री नहीं होती है. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इसे लेकर बड़ा फैसला किया था. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर उम्र की महिलाओं की एंट्री की बात कही थी. इसके बाद यह साफ हो गया था किसी भी महिला को मंदिर में एंट्री से नहीं रोका जाएगा.

कौन है बिशप फ्रैंको मुलक्कल

बिशप फ्रैंको बहुचर्चित केरल नन रेप मामले में आरोपी है. बिशप फ्रैंकों पर नन से रेप का आरोप है. जून में पुलिस को दी गई शिकायत में नन ने आरोप लगाया था कि मुलक्कल ने मई 2014 में कुरविलांगड़ के एक गेस्ट हाउस में उनसे बलात्कार किया और बाद में कई मौकों पर उनका यौन शोषण किया. हाल ही में इस मामले में बिशप फ्रैंको को केरल हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है.

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महिला विरोधी विचार रखते हैं एस गुरुमूर्ति

अब करते हैं गुरुमूर्ति के ट्वीट पर बात. गुरुमूर्ति का यह ट्वीट पूर्ण रूप से महिला विरोधी है. गुरुमूर्ति महिलाओं को मंदिर में जाने से रोकने के लिए उस शख्स को मंदिर में नियुक्त करने की बात कह रहे हैं जिस पर रेप के आरोप हैं. एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट मंदिर में महिलाओं को जाने का फैसला सुना चुका है वहीं आरबीआई में बड़े पद पर नियुक्त गुरुमू्र्ति महिलाओं को डराने के लिए रेप के आरोपी को मंदिर में लाने की बात कर रहे हैं.

गुरुमूर्ति का यह ट्वीट ना सिर्फ रेप के आरोपी को ग्लोरीफाई करने की कोशिश है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी है. महिलाओं को मंदिर में एंट्री मिलनी चाहिए. ये उनका संवैधानिक अधिकार है. उन्हें इससे वंचित नहीं किया जा सकता, लेकिन गुरुमूर्ति जैसे लोग उन्हें उनका अधिकार पाने से रोक रहे हैं.

बता दें कि गुरुमूर्ति आरबीआई के पार्ट टाइम डायरेक्टर हैं और बैंक की महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेते हैं. इन बैठकों में ऐसे फैसले लिए जाते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था और देश को प्रभावित करते हैं. देश की आधी आबादी के खिलाफ राय रखने वाले गुरुमूर्ति अगर इन फैसलों में अपनी राय देते हैं तो आप समझ सकते हैं कि उनकी राय किस हद तक महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ हो सकती है.

यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा ट्वीट किया है. इससे पहले वो केरल में आई बाढ़ को सुप्रीम कोर्ट के सबरीमाला मंदिर के फैसले से जोड़ चुके हैं. तब उन्होंने ट्वीट किया था कि सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से केरल में बाढ़ आई है. आप सोचिये कि ऐसे बयान देने वाले शख्स हमारे देश को प्रभावित करने वाले फैसले लेते हैं.

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