सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री

सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के सवाल पर बोलीं स्मृति- पीरियड्स के खून से सने पैड लेकर मंदिर में क्यों जाना!

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री का मामला लगातार विवादों में हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते शुक्रवार को दो महिलाओं ने मंदिर में जाने की कोशिश की थी. इनमें एक पत्रकार और दूसरी सामाजिक कार्यकर्ता थीं. पत्रकार का नाम एस कविता और सामाजिक कार्यकर्ता का नाम रेहाना फातिमा है. अब खबर आ रही है कि रेहाना फातिमा को केरल मुस्लिम जमात काउंसिल ने समाज से बाहर करने का फैसला किया है. उन्हें हिंदुओं की भावनाएं आहत करने के आरोप में समाज से बाहर किया गया है.

अब सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने विवादास्पद बयान दिया है. मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पीरियड में महिलाएं जब खून से सना पैड लेकर दोस्त के घर नहीं जातीं तो भगवान के घर कैसे जा सकती हैं. उन्होंने इसे अपनी निजी राय बताया.

स्मृति ईरानी ने कहा, ‘पूजा करना मेरा अधिकार है, लेकिन अपवित्र करना नहीं. एक कैबिनेट मंत्री होने के नाते सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नहीं बोल सकती. क्या आप खून से सने सैनिटरी पैड को लेकर अपने दोस्त के घर जाएंगी? नहीं न, तो आप उसे भगवान के घर में क्यों ले जाएंगे.’

सबरीमाला मंदिर में जाने की कोशिश करने वाली रेहाना फातिमा कौन हैं जिन्हें मुस्लिम समाज से बाहर किया गया?

स्मृति ईरानी ने बताया फेक न्यूज

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर विरोध होने लगा. लोग उनके इस बयान पर सवाल उठाने लगे. इसके बाद स्मृति ईरानी ने कहा कि उनके बयान को लेकर फेक न्यूज फैलाई जा रही है.

इसके थोड़ी देर बाद उन्होंने एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो में स्मृति ईरानी अपने एक अनुभव को साझा कर रही थी. उन्होंने बताया कि कैसे एक अग्नि मंदिर में धार्मिक रीति-रिवाज की वजह उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया गया था. उन्होंने बताया कि इस रिवाज की वजह से उन्हें मुंबई के अंधेरी के फायर टेंपल के बाहर उन्हें खड़ा होना पड़ा था. हालांकि, सबरीमाला मंदिर को लेकर उनका बयान वही था. उनका यह बयान आप वीडियो में 12 मिनट के बाद सुन सकते हैं.

We are in conversation with Union Minister of textiles,Smt Smriti Irani; Moderated by Mr Samir Saran, President, Observer Research Foundation at the #YTC2018

Posted by ORF Mumbai on Monday, October 22, 2018

बता दें कि सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री को लेकर विवाद जारी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी मंदिर में महिलाओं की एंट्री नहीं हो सकी है. अब इस मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की गई है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केरल के सबरीमाला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले उसके फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर अब सुनवाई 13 नवंबर को करेगा. इस बारे में इंग्लिश में स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

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