#MeToo अभियान पर लिखे अपने आर्टिकल में वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने बोला झूठ

देश में #MeToo अभियान चल रहा है. इसके तहत महिलाएं अपने साथ पुरुषों द्वारा किए हुए यौन शौषण के खिलाफ आवाज उठा रहीं हैं. इस बीच वरिष्ठ पत्रकार तवलीन ने #MeToo के विरोध में एक आर्टिकल लिखा है. इंडियन एक्सप्रेस में लिखे आर्टिकल में उन्होंने दावा किया कि इससे देश की आम महिलाओँ की जिंदगियों में कोई सुधार नहीं होगा.

"<yoastmark

तवलीन सिंह ने अपने इस लेख में बड़े दावे किए. उन्होंने इसमें लिखा, “ पिछले हफ्ते जिस दिन #MeToo शुरू हुआ, उसी दिन बिहार के नवादा जिले में मुस्लिम किशोरी को उसके परिवार द्वारा पेड़ के साथ बांधा गया और पीट-पीटकर मार दिया गया….उनकी आँखों में जो वो कर रहे थे इतना शान वाला काम था कि उन्होंने हत्या की वीडियो बनाई.” तवलीन ने आगे दावा किया कि इस खबर पर भारतीय मीडिया ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया. जबकि ब्रिटेन के अखबार ने इस पर स्टोरी प्रकाशित की.”

तवलीन सिंह के दावों का सच

"<yoastmark

हमने तवलीन सिंह के दोनों दावों की पड़ताल की. दरअसल, इस महीने की शुरूआत में सोशल मीडिया पर एक लड़की को पेड़ से बांधकर पीटने का वीडियो वायरल हो गया था. आजतक के मुताबिक, वीडियो बिहार के नवादा जिले के जोगियामारण गांव में 18 वर्षीय मुस्लिम लड़की को ग्रामीणों द्वारा पीटने का है. लड़की का कसूर सिर्फ इतना था कि वो अपने हिंदू प्रेमी के साथ भाग गई थी, लेकिन उसकी जानकारी मिलने पर उसे गांव लाया गया. पंचायत द्वारा पीटने का फरमान सुनाया गया. लड़की को पांच घंटे पेड़ के साथ बांधकर रखा गया. उसके साथ मारपीट की गई, लड़की बेसुध जमीन पर पड़ी रही. मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लड़की को बचाया और उसका बयान लिया. डेक्कन क्रॉनिकल पर भी यह खबर छपी है.

जिसकी हर जगह चर्चा है वो #MeToo क्या है? आसान भाषा में जानिये इससे जुड़ी सारी बातें

साफ है कि तवलीन सिंह का बिहार के नवादा जिले में मुस्लिम लड़की को मारने का दावा बिल्कुल झूठ, फर्जी और आधारहीन है. #MeToo के विरोध में तवलीन सिंह झूठ और मनगढ़त कहानियों का सहारा ले रही है. सबसे हैरानी की बात कि इंडियन एक्सप्रेस जैसे प्रतिष्ठित और अतिविश्वसनीय अखबार ने इस झूठ को प्रकाशित कर दिया.

"<yoastmark

"<yoastmark

तवलीन सिंह का भारतीय मीडिया द्वारा इस खबर को नजरअंदाज करने का दावा भी गलत है. क्योंकि एक गूगल सर्च पर भारतीय मीडिया की इस घटना पर स्टोरीज सामने आ जाती है. समाचार एजेंसी एएनआई और एनडीटीवी ने तो लड़की के पिता का इस मुद्दे पर बयान तक लिया था. साफ है कि वरिष्ठ पत्रकार तवलीन #MeToo के विरोध में झूठ और मनगढ़त तथ्यों का सहारा ले रही हैं.

ये भी पढें-

FACT CHECK : जिस गंगा की सफाई के लिए जीडी अग्रवाल ने जान दी, उसकी सफाई का क्या हाल है?

FACT CHECK : क्या केमिकल के इस्तेमाल की वजह से कतर में बाबा रामदेव के प्रोडक्ट बैन हो गए?

ALERT : एमपी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस नेता कमलनाथ ने फेक फोटो शेयर की, जानिये पूरा मामला

Posted in Fact Check and tagged , , , , , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *