बांग्लादेश के वीडियो

बांग्लादेश के वीडियो को बंगाल का बताकर फैलाई जा रही है फेक न्यूज

क वीडियो और न्यूज की पड़ताल खोलते-खोलते हम बेशक थक जाएं लेकिन फेक न्यूज फैलाने वाले रूकने वाले नहीं है. सोशल मीडिया पर हाल ही में बांग्लादेश के वीडियो को गलत संदर्भ में वायरल किया जा रहा है. इस वीडियो के बारे में लिखा है, ‘2019 में जिसे कमल चुनने में परेशानी हो वो भविष्य चुनने के लिये तैयार रहें। भविष्य का भारत आप देख सकते है । बंगाल में इस्लामिक टेररिजम की एक छोटी सी झलक पेश की है। देखने के बाद आगे जरूर भेजना । ताकि लोग जागरूक हो सके।।’

यह वीडियो आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं.

 

इस वीडियो के बारे में लिखा है कि बंगाल में इस्लामिक टेररिज्म (आतंकवाद) की झलक देखिये. इसका मतलब यह हुआ कि इस वीडियो को बंगाल का बताया जा रहा है, लेकिन क्या यह वीडियो सच में बंगाल का है? क्या यह वीडियो असली भी है? आइये इन सब दावों की पड़ताल करते हैं.

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इस वीडियो की पड़ताल

इस वीडियो के बारे में द क्विंट ने पड़ताल की है. क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो असली है, लेकिन इसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठ है. फेसबुक पोस्ट में इस वीडियो को बंगाल का बताया गया है, लेकिन यह वीडियो बंगाल का न होकर बांग्लादेश का है.

क्विंट ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि यह बांग्लादेश के टोंगी का वीडियो है. यहां एक मैदान को लेकर दो मौलानाओं के समर्थक आपस में भीड़ गए थे. यह झड़प मौलाना साद कंधालवी और मौलाना जुबियार के समर्थकों के बीच हुई थी. इस लेकर बांग्लादेश के न्यूज पोर्टल ‘ढ़ाका ट्रिब्यून‘ में खबर भी छपी है. साथ ही इसका असली वीडियो आप नीचे देख सकते हैं.

The real face of the Saad Kandhalvi community, who have destroyed the image of Tableegh in Bangladesh & all over the world .Firstly let me clear you What lead to the Tongi clash/conflict? Watch this initial instigation video before watching any other. Whilst few of Ulama Ekram waited peacefully inside the Ijtima Field at Tongi today, the other Saad Kandhalvi community goons equipped with tools able to broke one of the gate of Tongi ijtima Field. Police were present at the scene to ensure security and non violence but they didn't took action to prevent them which clearly reflects the political funding by Saad Kandhalvi through gulf countries. The London based Liars Saadiyani page (London To Fitna Nizamuddin page) claimed that they are adhering to Nizamuddin guidelines & we're seated peacefully but you can find the video below which enough to explain their lies reality. here let me ask is this the guidelines of Nizamuddin which you are watching in video…?? Isn't Nizamuddin deviants instructed them to do so…? (Screenshot Proof available for viewing). If saadiyani eager to conduct ijtema they can arranged it anywhere instead of playing this deadly game but actually they want to the disrupt the noble face of Daa'wah Tabligh efforts by broking the gates of our historical ijtema field.

Posted by Aalmi Tablighi Shura on Saturday, December 1, 2018

जाहिर है कि इस वीडियो का बंगाल और भारत से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन बांग्लादेश के इस वीडियो को भारत के बंगाल का बताकर शेयर किया जा रहा है. यह काम समाज में नफरत फैलाने और एक तरीके के तहत हो रहा है. हम आपसे इस फेसबुक वीडियो को सही नहीं मानने की अपील करते हैं.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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