मुस्लिमों की रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे

क्या कांग्रेस की जीत के बाद मुस्लिमों की रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे?

फेक न्यूज के इस जमाने में सोशल मीडिया पर झूठ बढ़ता जा रहा है. अधिकतर लोग इस झूठ का शिकार हो रहे हैं और कुछ जाने-माने लोग झूठ को फैलाने में लगे हैं. जाने-माने लोग जब कोई फेक न्यूज शेयर करते हैं तो लोग उस पर ज्यादा यकीन करते हैं. ऐसा ही मामला इन दिनों एक वीडियो को लेकर है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस की जीत के बाद मुस्लिमों की रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे. क्या यह सच है? अाइये पड़ताल करते हैं.

ट्वीटर पर मधुपूर्णिमा किश्वर और पाकिस्तानी मूल के लेखक तारेक फतेह ने एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में कुछ मुस्लिम एक रैली निकाल रहे हैं. इस वीडियो के बारे में किश्वर और फतेह ने दावा किया है कि यह विधानसभा चुनाव आने के बाद का वीडियो है. तारेक फतेह ने इसे राजस्थान का बताया है. वहीं किश्वर ने लिखा कि कांग्रेस की जीत के 24 घंटे के भीतर ही यह हाल है. इन दोनों के ट्वीट देखिये, उसके बाद इनके दावे की पड़ताल-

मुस्लिमों की रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे

तारेक फतेह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इनके अलावा इस वीडियो को फेसबुक पर भी खूब शेयर किया गया है. कई फेसबुक पेज ने इस वीडियो को शेयर किया है. इनमें से कुछ की झलक आप नीचे देख सकते हैं.

उन सभी भाइयो को मुबारक जिसने कांग्रेस को वोट दिया

कांग्रेस समर्धक हिन्दु भाइयो मुबारक हो आपकी चाहत की मांग शुरू हो गयी है

Posted by Politics Solitics on Wednesday, December 12, 2018

अब करते हैं इस वीडियो और दावे की पड़ताल

असल में जिस वीडियो को विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद का और राजस्थान का बताया जा रहा है, वो दावा ही गलत है. यह वीडियो ना तो राजस्थान का है और ना ही विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद का.

FACT CHECK: इस बात में कितनी सच्चाई है कि सचिन ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है?

असल में यह वीडियो 6 दिसंबर 2016 को पहली बार यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था. इसका मतलब पहला दावा कि यह विधानसभा चुनाव के नतीजों का वीडियो है, यह पूरी तरह झूठ साबित होता है. दूसरा दावा है कि यह राजस्थान का वीडियो है. यह दावा भी झूठ है क्योंकि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के संभल का है. इसका सबूत नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में दिख जाएगा. इस स्क्रीनशॉट में पब्लिश डेट 6 दिसंबर 2016 दिख रही है.

वीडियो

यूट्यूब पर पोस्ट वीडियो

हमारी पड़ताल में किश्वर और फतेह और फेसबुक पेज पर किए जा रहे दावे झूठ साबित हुए हैं. यह वीडियो असली है इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, लेकिन इसे गलत दावे के साथ पेश किया जा रहा है. यह वीडियो लगभग दो साल पहले पोस्ट हुआ था.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

ये भी पढ़ें-

जानिये, लोग क्यों फैलाते हैं फेक न्यूज, सामने आई यह बड़ी वजह

क्या रांची में पकड़े गए 10 हजार सिम NOTA दबाने की मुहिम चलाने के लिए खरीदे गए थे?

मध्यप्रदेश में चुनाव जीतते ही किसानों की कर्ज माफी से पलट गए राहुल गांधी? यहां पढ़ें सच्चाई

Posted in Fake News and tagged , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *