जवाहर लाल नेहरु

FACT CHECK: जवाहर लाल नेहरु की इस फोटो की सच्चाई क्या है?

प्रयागराज में इन दिनों अर्धकुंभ मेला चल रहा है. ऐसे में इससे जुड़ी असली खबरों और फोटो के साथ-साथ फर्जी फोटो और खबरें भी शेयर हो रही हैं. ऐसी ही एक फोटो शेयर की जा रही है जिसमें भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पानी में उतरते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि नेहरू की यह फोटो साल 1954 में कुंभ मेले के दौरान खींची गई थी. पत्रकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी ने इसे ट्वीट किया है. आप उनका यह ट्वीट नीचे देख सकते हैं.

इसके जवाब में @girishs2 नामक यूजर ने रिप्लाई किया कि यह फोटो इलाहाबाद में गंगा की है. यह फोटो तब ली गई जब जवाहरलाल नेहरू अपने पिता का अस्थि विसर्जन कर रहे थे.

क्या है इलाहाबाद के कुंभ मेले की जगमगाती तस्वीर का सच?

इसके बाद विनोद कापड़ी ने इसके रिप्लाई में लिखा, ‘आपको झूठ फैलाना है तो फैलाइए. पर तथ्य ये है कि पंडित नेहरू के पिता मोतीलाल का निधन फ़रवरी 1931 को हुआ था और उस वक्त जवाहरलाल की उम्र 42 साल थी. आपको किस चश्में से इस तस्वीर में नेहरु 42 साल के दिख रहे हैं ??? ये तस्वीर 1954 कुंभ की है,जब नेहरु की उम्र 65 साल थी.’ देखिये ट्वीट-

जवाहर लाल नेहरु की इस फोटो की पड़ताल

इसके बाद हमने इस फोटो की सच्चाई जानने की कोशिश की. फोटो की पड़ताल करने के लिए हमने इस फोटो को गूगल पर सर्च किया. इस दौरान हमें ओपन मैगजीन और इंडिया टूडे की दो स्टोरीज के लिंक मिले. इन लिंक पर जाने के बाद हमें बिल्कुल यही फोटो मिली, लेकिन दोनों जगह इस फोटो को विनोद कापड़ी के दावे के उलट इलाहाबाद में गंगा की बताया गया. ओपन मैगजीन और इंडिया टूडे की स्टोरी के मुताबिक, नेहरु की यह फोटो उस वक्त की है जब वे अपनी मां की अस्थियां प्रवाहित कर रहे थे. हमारी पड़ताल में यह विनोद कापड़ी और गिरीश दोनों का दावा झूठा साबित होता है.

जवाहर लाल नेहरु की इस फोटो का सच

हमारी पड़ताल में पता चला है कि नेहरू की यह फोटो ना तो कुंभ के दौरान की है और ना ही उनके पिता के अस्थि विसर्जन के दौरान की. इंडिया टूडे और ओपन मैगजीन की खबरों के मुताबिक नेहरू की यह फोटो उनकी मां के देहांत के बाद की है, जब नेहरू उनका अस्थि विसर्जन करने गए थे. हम आपसे झूठे दावे पर भरोसा ना करने की अपील करते हैं.

हमारी अपील

हमारी आपसे अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के झांसे में ना आए. सोशल मीडिया बेवफा है इसलिए इस पर आई हर खबर को सच ना माने. किसी भी खबर पर भरोसा करने या शेयर करने से पहले उसे दूसरे सोर्स से वेरिफाई जरूर करें. फेक न्यूज समाज में नफरत और झूठ फैला रही है. यह हमारे समाज और देश के लिए खतरनाक है. इससे खुद भी बचाएं और अपने जानने वालों को भी बचाएं.

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