खराब दिन आए हैं तभी झोला लटकाए घूम रहे हो

Video : पत्रकार के सवाल पर भड़के मंत्रीजी, कहा- खराब दिन आए हैं तभी झोला लटकाए घूम रहे हो

जरूरी सवालों को जवाब देने की बजाय सवाल करने वाले पर सवाल उठाने आजकल नेताओं को शौक बन गया है. जब सवालों के जवाब नहीं होते हैं तो सत्ता के घमंड में कुछ भी उल्टा-सीधा बोलकर नेता अपनी जिम्मेदारी से बच निकलते हैं. ताजा मामला झारखंड का है. यहां के एक मंंत्री से जब पत्रकार ने स्वच्छ भारत को लेकर सवाल किया तो मंत्री जी पत्रकार को उसकी औकात बताने लगे. यह वीडियो देखिये, उसके बाद मामले के बारे में बताते हैं-

देखये सत्ता का दंभ और घमंड। झारखंड में मंत्रीजी से दैनिक जागरण के रिपोर्टर ने स्वच्छ भारत पर सवाल पूछा तो उसे "औकात" बताने लगे। यही बात दिल्ली की मीडिया में मंत्री ने की होती तो बवाल होता। मीडिया को भी दिल्ली से दूर पत्रकारों के सम्मान के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहये।

Posted by Narendra Nath on Thursday, October 11, 2018

 

‘खराब दिन आए हैं इसलिए झोला लटकाए घूम रहे हो’

इस वीडियो में नजर आ रहे माननीय मंत्री जी का नाम सीपी सिंह हैं. ये झारखंड सरकार में शहरी विकास मंत्री हैं. जब पत्रकार ने इनसे सवाल पूछा तो ये झल्ला उठे. पत्रकार के सवाल पूछने पर मंत्री जी ने कहा, ‘चले जाओ ना, मोदी जी PS में रख लेंगे.’ इस पर पत्रकार कहता है, ‘इतने खराब दिन नहीं आए हैं कि मोदी जी के बगल में बैठें.’ इसके बाद मंत्री जी बोलते हैं, ‘उतना खराब दिन नहीं आता तो ऐसे झोला लटका के घूमते?’ इसके बाद मंत्रीजी और पत्रकार के बीच में थोड़ी और बात होती है.

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ये पहली बार नहीं हो रहा है कि किसी नेता ने पत्रकारों से ऐसे बात की है. नेताओं को सवालों को घूमाने के लिए जाना जाता है. अब नेता लोग पत्रकारों पर ही सवाल उठाने लगे हैं. यह बात याद रखने वाली है कि मोदी सरकार में मंत्री वीके सिंह ने पत्रकारों के लिए प्रेस्टिट्यूट शब्द का इस्तेमाल किया था. अब ताजा मामला झारखंड के मंत्री का है. जो पत्रकारों से कह रहे हैं कि तुम्हारे खराब दिन आए हैं इसलिए झोला लटकाकर घूम रहे हो.

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यहां पर आप पाठकों का काम शुरू होता है. लोकतंत्र में पत्रकार को जनता की आवाज माना जाता है. जब आपके चुने नेता आप ही के लिए पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं तो किसकी जवाबदेही है? इसलिए सरकारों से सवाल पूछिये और सवाल पूछने वालों का साथ भी दीजिए.

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