विवेक डोभाल

कारवां पर छपी रिपोर्ट के बाद विवेक डोभाल ने मैगजीन और रिपोर्टर पर दायर किया मानहानि का मुकदमा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने कथित रूप से मानहानिपूर्ण लेख प्रकाशित करने पर कारवां पत्रिका के खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की है. विवेक ने इस मामले में पत्रिका और यह आर्टिकल लिखने वाले पत्रकार कौशल श्रॉफ के अलावा कांग्रेसी नेता जयराम रमेश के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है. रमेश ने 17 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कारवां में लिखी गई बातों को दोहराया था.

विवेक डोभाल

कारवां की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विवेक एक विदेशी फंड फर्म चला रहे हैं जिसके प्रमोटरों की संदिग्ध पृष्ठभूमि रही है. उन्होंने दावा किया कि पत्रिका ‘‘उनके पिता से बदला लेने के लिए’’ उन्हें ‘‘जानबूझकर अपमानित कर रही है और उनकी छवि खराब कर रही है.’’

कारवां का एक और धमाकेदार खुलासाः अजित डोभाल के बेटे की ‘फर्जी’ कंपनियां का लगाया पता

‘कारवां’ पत्रिका ने 16 जनवरी को ‘‘द डी कंपनीज’’ शीर्षक से खबर दी थी जिसमें कहा गया कि विवेक केमन द्वीप समूह जो टैक्स हेवन है में एक विदेशी फंड फर्म चलाते हैं और इसका रजिस्ट्रेशन नोटबंदी के सिर्फ 13 दिन बाद किया गया था.

विवेक डोभाल के आरोप

विवेक ने आरोप लगाया कि इस रिपोर्ट में लिखी गई बातें उनके द्वारा किसी ‘‘गैरकानूनी’’ कृत्य की बात नहीं करती लेकिन पूरी कहानी इस ढंग से लिखी गई है जो पाठकों को ‘‘गड़बड़ियों’’ का संकेत देती है. शिकायत में कहा गया कि पैराग्राफों को इस तरह व्यवस्थित किया गया है और अलग अलग पैराग्राफ को ऐसे जोड़ा गया है जिसका उद्देश्य पाठकों को भ्रमित करना तथा उन्हें यह सोचने पर मजबूर करना है कि शिकायतकर्ता के नेतृत्व में कोई बड़ी साजिश चल रही है.

FACT CHECK: क्या गल्फ न्यूज ने राहुल गांधी को अपनी खबर में पप्पू बताया है?

इसमें कहा गया कि पत्रिका के हैंडल द्वारा किये गये सोशल मीडिया ट्वीट में लेख से कुछ पंक्तियां उठाई गईं जो स्पष्ट करती हैं कि ‘‘आगामी आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक लाभ कमाने के लिए’’ यह विवेक और उनके परिवार की प्रतिष्ठा खराब करने का प्रयास है. शिकायत में कहा गया कि रिपोर्ट की हेडलाइन भी सनसनी फैलाने वाली है जो शिकायतकर्ता यानी विवेक डोभाल और उनके परिवार के खिलाफ पाठकों के मन में पूर्वाग्रह पैदा करता है. इसमें कहा गया कि विवेक डोभाल और उनके बड़े भाई से जानकारी मांगने के लिए एक सोशल नेटवर्किंग साइट पर उन्हें सवाल भेजे गये और अस्पष्ट रूप से बताया गया कि यह पत्रिका द्वारा की जा रही खबर को लेकर है.

शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह बताना जरूरी है कि ये सवाल देखे नहीं जा पाए और यह शिकायतकर्ता के फेसबुक मैसेंजर से अचानक गायब हो गये. शिकायतकर्ता की जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के बड़े भाई 16 जनवरी को लेख के प्रकाशन और 17 जनवरी को संवाददाता सम्मेलन के बाद ही अपने ईमेल देख पाए.

टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की वायरल फोटो का सच क्या है?

शिकायत में कहा गया कि लेख का इस्तेमाल ‘‘बदला लेने और दुश्मनी निकालने के लिए’’ राजनीतिक हथियार के रूप में किया गया है. शिकायतकर्ता ने कहा कि लेख के लेखक ने कई दस्तावेज हासिल करने का दावा किया और कहा कि ‘‘इनमें महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुईं।’’

इसमें कहा गया कि केमन द्वीप या दुनिया में किसी अन्य स्थान पर कोई विदेशी फंड फर्म स्थापित करना अपने आप में गैरकानूनी और अवैध कृत्य नहीं है. शिकायत में कहा गया कि हालांकि इसे इस तरीके से दिखाया गया है कि विदेशी फंड फर्म स्थापित करना ही गैरकानूनी कृत्य है.

ये भी पढ़ें-

FACT CHECK: क्या पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले भाजपा में शामिल हो गए हैं?

Posted in News and tagged , , , , , , , , , .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *