#MeToo में फंसे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर ने अपने बचाव में उतारे 97 वकील, जानें सच या झूठ?

#MeToo में फंसे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर के पीड़िता को डराने के लिए 97 वकीलों की टीम उतारने के दावे की पड़ताल

यौन उत्पीड़न के खिलाफ वर्षों से दबी महिलाओं की आवाज को बुलंद करने का जरिया बने #MeToo में अभी तक कई बड़े-बड़े नाम सामने आ चुके हैं. इनमें सबसे बड़ा नाम है देश के विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का. नेता बनने से पहले पत्रकार रहे अकबर पर अब तक एक दर्जन से अधिक महिलाएं यौन उत्पी़ड़न का आरोप लगा चुकी हैं. इन महिलाओं में सबसे प्रमुख हैं महिला पत्रकार प्रिया रमानी.

अब #MeToo में फंसे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर ने प्रिया के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करा दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि अकबर ने केस में प्रिया के खिलाफ 97 वकील उतारे हैं. पहले आप यह वायरल तस्वीर देखिए.

#MeToo में फंसे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर

97 वकीलों की वायरल लिस्ट

अब जानते हैं मामले की सच्चाई. दरअसल, अकबर की ओर से जिस लॉ फर्म ने शिकायत दर्ज की है, उसमें 97 वकील रजिस्टर्ड हैं. M/S करांजावाला एंड कंपनी ने मामले पर बयान देते हुए कहा है कि जब भी उनकी फर्म की ओर से शिकायत या याचिका दायर की जाती है तो वकालतनामे में वो अपने सारे वकीलों का जिक्र करते हैं. फर्म के अनुसार यह एक प्रक्रिया है जिसका पालन वह करते हैं. जिन 6 वकीलों के साइन इस वकालतनामे में हैं, केवल वह ही अकबर की ओर से केस में पेश होंगे.

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अकबर का पक्ष रखने जा रहे इन 6 वकीलों के नाम संदीप कपूर, वीर संधु, निहारिका करंजावाला, अपूर्व पांडे और मयंक दत्ता हैं. इससे साबित होता है कि इंटरनेट पर वायरल 97 वकीलों वाली तस्वीर तो सच है, लेकिन ये दावा कि ये सारे वकील उनकी ओर से कोर्ट में पेश होंगे, गलत है. इनमें से 6 वकील ही मामले में अकबर का पक्ष रखेंगे.

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हमारी पड़ताल में #MeToo में फंसे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर के अपने बचाव में 97 वकील उतारने की बात झूठ साबित हुई है. बता दें कि खुद के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदाम होने के बाद प्रिया रमानी ने भी बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि वह लड़ने के लिए बिल्कुल तैयार हैं. प्रिया ने कहा कि सच और सिर्फ सच ही उनका बचाव है. वहीं, विरोधियों की ओर से भी सरकार और एमजे अकबर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है. सरकार के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मामले में अभी तक कोई भी बयान नहीं आया है.

ताजा जानकारी यह है कि एमजे अकबर ने इस्तीफा दे दिया है.

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