क्या राफेल सौदे से खुश हो कर मोदी सरकार को 32 जगुआर लड़ाकू विमान फ्री में देगा फ्रांस?

सोशल मीडिया पर किया जा रहा फ्रांस की ओर से जगुआर लड़ाकू विमान फ्री मिलने का दावा, जानें सच्चाई

भारत सरकार का फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा लगातार विवादों के घेरे में हैं. लगभग 58 हजार करोड़ रुपए के इस सौदे में सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का हटाकर, सौदे से मात्र 15 दिन पहले बनी अनिल अंबानी की कंपनी को शामिल करने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस ने इसे बड़ा घोटाला करार दिया है और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं. वहीं, बीजेपी ने मामले में किसी भी तरह के घोटाले की संभावना से इनकार किया है.

2019 के लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और इस विवाद का उन पर बड़ा असर पड़ सकता है, इसलिए दोनों पार्टियों का विवाद में तथ्यों से ज्यादा ‘परसेप्शन’ की लड़ाई जीतने पर ज्यादा जोर है. सोशल मीडिया इन दिनों परसेप्शन सेट करने या माहौल तैयार करने का सबसे बड़ा माध्यम है. इसलिए इस सौदे से संबंधित कई दावे सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं.

ऐसा ही दावा करती एक तस्वीर की पड़ताल आज हम करेंगे. सोशल मीडिया पर शेयर हो रही इस तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि फ्रांस भारत को 32 जगुआर लड़ाकू विमान फ्री में देगा. साथ में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की हाथ मिलाते हुए तस्वीर लगी हुई है. तस्वीर पर लिखा है, ‘ये खबर सुनकर कांग्रेसियों का कोमा में जाना तय है. ये विमान मुफ्त में मिल रहे हैं तो अब कांग्रेस मोदी पर झूठे आरोप भी नहीं लगा पाएगी. बेचारी कांग्रेस.’

जगुआर लड़ाकू विमान फ्री

वायरल तस्वीर

तस्वीर पर ‘द इंडिया आई’ नामक लोगो लगा हुआ है. समान दावा करती एक और तस्वीर पिछले दिनों वायरल हुई थी. इस तस्वीर में दावा किया गया था कि राफेल डील से बनी गुडविल के चलते फ्रांस सरकार भारत को 32 जैगुआर और 2 मिराज-2000 लड़ाकू विमान फ्री में देगी.

जगुआर लड़ाकू विमान फ्री

समान दावा करती एक और तस्वीर

भारतीय मीडिया में भी इससे संबंधित खबरें प्रकाशित की गई हैं. ‘टाइम्स नाउ‘ की वेबसाइट पर 21 जुलाई को प्रकाशित खबर में भी समान दावा किया गया है. इससे संबंधित खबर उनके चैनल पर भी प्रसारित हुई थी. हिंदी अखबार ‘जनसत्ता’ ने भी यह खबर प्रकाशित की है. जनसत्ता की वेबसाइट पर ‘टाइम्स नाउ’ के हवाले से खबर को प्रकाशित किया गया है.

हमने इन दावों की पड़ताल की तो हमें ‘इंडिया टुडे‘ की वेबसाइट पर अंग्रेजी और ‘आजतक‘ की वेबसाइट पर हिंदी में फैक्ट चेक खबर मिली. ‘इंडिया टुडे’ की फैक्ट चेक टीम ने दावों की सत्यता जानने के लिए भारतीय एयरफोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की. अधिकारी का कहना है कि पहले ही पुराने पड़ चुके जगुआर लड़ाकू विमानों की देखभाल करना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में वायुसेना ऐसे विमानों को लेने की क्यों इच्छुक होगी.

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दरअसल, यह खबर सबसे पहले एक फ्रांसीसी मैगजीन ‘Le Point’ में प्रकाशित हुई थी. इस खबर में फ्रांस सरकार के सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि फ्रांस भारत को 31 जगुआर लड़ाकू विमान फ्री देने जा रहा है. इस साप्ताहिक मैगजीन के हवाले से ही हर जगह इस खबर को चलाया जा रहा है.

लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मैगजीन के इन दावे में सच्चाई नहीं है. सच ये है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को जगुआर के 61 विमानों को रिपेयर करना है. इसके अलावा मिराज के विमानों को भी रिपेयर की जरूरत है. लेकिन इन दोनों के असल स्पेयर पार्ट्स मौजूद नहीं है.

ऐसे में 2005 में ही जुगआर विमानों को रिटायर कर चुके फ्रांस ने भारत को मुफ्त में स्पेयर पार्ट्स देने पर सहमति जताई है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी इंडिया टुडे को दी है. भारत को केवल इनको फ्रांस से लाने का खर्चा उठाना होगा. साथ ही इस जगुआर के स्पेयर पार्ट्स की इस डील का राफेल विमान सौदे से कोई संबंध नहीं है, जैसा कि वायरल तस्वीरों और विभिन्न खबरों में दावा किया जा रहा है.

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हमने अन्य माध्यमों पर भी राफेल सौदे की पूरी जानकारी खंगाली, लेकिन कहीं भी डील में मुफ्त जगुआर शामिल होने की बात नहीं लिखी हुई है.

हमारी जांच में फ्रांस सरकार के भारत सरकार को राफेल सौदे से बनी गुडविल के कारण 32 जगुआर लड़ाकू विमान फ्री देने की बात झूठी साबित हुई है. फ्रांस भारत को केवल जुगआर के स्पेयर पार्ट्स देगा और साथ ही इसका विवादित राफेल विमान सौदे कोई संबंध नहीं है.

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